नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उनके खिलाफ शांति भंग होने की आशंका से जुड़ी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके को दोपहर 12 बजे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश करने वाली है। इस पेशी के दौरान उनके मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर निर्णय होने की संभावना है।
धारा 126 और 170 के तहत क्या हुई कार्रवाई?
अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने BNSS की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्रवाई की है। इन प्रावधानों का संबंध संभावित शांति भंग को रोकने और ऐसी स्थिति में एहतियाती कदम उठाने से है, जहां पुलिस को किसी संज्ञेय अपराध की आशंका हो सकती है।
BNSS की धारा 126 के अंतर्गत कार्यपालक मजिस्ट्रेट ऐसे व्यक्ति से शांति बनाए रखने के लिए बंधपत्र भरवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है, जिसके बारे में शांति भंग करने या सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने की आशंका के आधार हों। वहीं, धारा 170 पुलिस को संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए निर्धारित परिस्थितियों में निवारक गिरफ्तारी करने का अधिकार देती है।
दूसरी बार निवारक कार्रवाई, पिछले बॉन्ड की शर्तों पर भी नजर
उपलब्ध समाचार जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके के खिलाफ पहले भी निवारक कार्रवाई की जा चुकी है। अब दूसरी बार कार्रवाई होने के बाद उनके पिछले बेल बॉन्ड या शांति बनाए रखने से जुड़े बंधपत्र की शर्तों का मुद्दा भी चर्चा में है।
बताया गया है कि आशुतोष रांका और सौरव दास के मामलों की तरह दीपके के मामले में भी पहले से लागू बंधपत्र की शर्तों के पालन पर विचार किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति ने संबंधित बंधपत्र की शर्तों का उल्लंघन किया हो, तो उसके मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है।
हालांकि, अभिजीत दीपके के मामले में बंधपत्र की किसी विशिष्ट शर्त के उल्लंघन और उसके संबंध में सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें निश्चित रूप से जेल भेजा जाएगा।
समाचार में यह संभावना जताई गई है कि यदि कानूनी परिस्थितियां इसकी अनुमति देती हैं और संबंधित प्राधिकारी आवश्यक आदेश देता है, तो दीपके को कुछ दिनों के लिए तिहाड़ जेल भेजा जा सकता है। फिलहाल इसे संभावित घटनाक्रम के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि अंतिम निर्णय के रूप में।
नेहा बोरा को सख्त हिदायत के बाद छोड़ा गया
इसी घटनाक्रम से जुड़ी एक अन्य जानकारी के अनुसार, वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पुलिस ने नेहा बोरा को हिरासत में लेने के बाद उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई करने के बजाय चेतावनी देकर छोड़ने का निर्णय लिया। हालांकि, उनकी हिरासत की परिस्थितियों, पुलिस की ओर से दी गई हिदायत और रिहाई से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यदि बंधपत्र से जुड़ा कोई उल्लंघन आधिकारिक रूप से सामने आता है, तो सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुरूप उस पर विचार कर सकता है। दूसरी ओर, आगे की कार्रवाई के संबंध में कोई भी निर्णय संबंधित कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने BNSS की धाराओं 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है और उन्हें SEM कोर्ट में पेश किया जाना है। उन्हें तिहाड़ जेल भेजे जाने की बात अभी संभावित घटनाक्रम के रूप में सामने आई है। मामले की वास्तविक स्थिति अदालत की कार्यवाही और आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





