मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागझिरी गांव में एक शिकायत की जांच करने पहुंची पुलिस टीम पर कथित तौर पर पत्थरों और लाठियों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना में उपनिरीक्षक (एसआई) धारासिंह चावड़ा समेत पांच पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीम एक पड़ोसी के खिलाफ दर्ज मारपीट और अपशब्द कहने की शिकायत के सिलसिले में आरोपी से पूछताछ करने गांव पहुंची थी। बताया गया है कि थाने चलने की बात पर विवाद बढ़ गया और पुलिसकर्मियों को विरोध का सामना करना पड़ा।
पड़ोसी से मारपीट की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कंचनबाई पिता भावसिंह बंजारा ने करीब आठ दिन पहले अपने पड़ोसी सरदार सिंह के खिलाफ उन्हेल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मारपीट करने और अपशब्द कहने के आरोप लगाए गए थे।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इसी सिलसिले में सरदार सिंह, जिनका उल्लेख उपलब्ध विवरण में सरदार पिता गब्बर बंजारा के रूप में भी किया गया है, को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। पुलिस के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति आठ दिन तक थाने नहीं पहुंचा।
किसी शिकायत की जांच के दौरान संबंधित पक्षों से पूछताछ करना पुलिस की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इससे घटना के बारे में दोनों पक्षों के बयान लेने और उपलब्ध तथ्यों की पुष्टि करने में मदद मिलती है। यदि कोई व्यक्ति बुलाए जाने के बाद उपस्थित नहीं होता, तो पुलिस परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है।
बुधवार दोपहर गांव पहुंची पुलिस टीम
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुधवार को दोपहर करीब 12:15 बजे एसआई धारासिंह चावड़ा पुलिसकर्मियों के साथ नागझिरी गांव पहुंचे। टीम में आरक्षक अखिलेश यादव, पंकज खरते, विक्रम राघव और महिला आरक्षक नेहा भालसे शामिल थीं।
पुलिस टीम शिकायत से संबंधित पूछताछ के लिए आरोपी के खेत पर बने मकान तक पहुंची थी। पुलिस के मुताबिक, टीम का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को थाने ले जाकर मामले के संबंध में पूछताछ करना था।
बताया गया है कि पुलिसकर्मियों के वहां पहुंचने के बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने विरोध किया। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और कथित तौर पर पुलिस टीम पर पत्थरों तथा लाठियों से हमला किया गया।
इस घटना में एसआई धारासिंह चावड़ा और चार अन्य पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी दी गई है। घायल पुलिसकर्मियों में आरक्षक अखिलेश यादव, पंकज खरते, विक्रम राघव और महिला आरक्षक नेहा भालसे के नाम शामिल हैं।
उज्जैन जिले के नागझिरी गांव में हुई इस घटना में पुलिस टीम के पांच सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, पड़ोसी से मारपीट की शिकायत के बाद संबंधित व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उसके थाने नहीं पहुंचने पर टीम गांव गई। बुधवार दोपहर करीब 12:15 बजे हुई इस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर विवाद बढ़ा और पुलिसकर्मियों पर पत्थरों तथा लाठियों से हमला किया गया।
फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि और आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ, कथित हमले में कौन-कौन शामिल था और घायल पुलिसकर्मियों को किस प्रकार की चोटें आईं।






