भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा एक मामला सामने आया है। शहर के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) पर राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने कार्रवाई करते हुए नौ किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की है। यह मादक पदार्थ दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एक यात्री बस में ले जाया जा रहा था। तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए सामान को सामान्य कपड़ों के पैकेटों के बीच छिपाया गया था, ताकि तलाशी के दौरान वह आसानी से नजर न आए।

कपड़ों के पैकेटों के बीच छिपाई गई थी खेप
इस मामले में तस्करी के लिए अपनाया गया तरीका जांच का प्रमुख हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी के पास मौजूद दो ट्रॉली बैग में सलवार सूट के पैकेट रखे हुए थे। इन्हीं कपड़ों के पैकेटों के बीच मेथामफेटामाइन छिपाकर ले जाई जा रही थी।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को कुल 11 पैकेट मिले, जिनमें लगभग नौ किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई। इस तरह सामान्य यात्रा-सामान के भीतर मादक पदार्थ छिपाकर परिवहन करने का मामला सामने आया।
सामान्य तौर पर लंबी दूरी की बसों में यात्री अपने साथ कपड़े, बैग और अन्य निजी सामान लेकर यात्रा करते हैं। ऐसे में किसी सामान की वास्तविक सामग्री की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है। इस घटना में कपड़ों के पैकेटों के बीच मादक पदार्थ छिपाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद सामान की जांच और संदिग्ध परिवहन गतिविधियों पर निगरानी का महत्व रेखांकित होता है।
दिल्ली से बेंगलुरु जा रही बस में मिली ड्रग
डीआरआई की कार्रवाई में जिस बस का उल्लेख है, वह दिल्ली से बेंगलुरु जा रही थी। इसी बस में यात्रा कर रहे एक यात्री के पास से मादक पदार्थ बरामद किया गया। इस घटना से अंतरराज्यीय सड़क परिवहन के माध्यम से नशीले पदार्थों की आवाजाही की संभावना एक बार फिर चर्चा में आई है।
दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के बीच लंबी दूरी की बस सेवाएं यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का माध्यम हैं। ऐसी सेवाओं का उपयोग सामान्य यातायात के लिए किया जाता है, लेकिन किसी भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का दुरुपयोग करके अवैध सामान ले जाने की कोशिश जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है।
इस मामले में बस का मार्ग, आरोपी का सामान और बरामद मादक पदार्थ जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। यह पता लगाना भी आवश्यक होगा कि खेप कहां से प्राप्त की गई थी और परिवहन की व्यवस्था किसने की थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इन सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं।
अक्टूबर में दूसरी कार्रवाई से बढ़ी सतर्कता
प्राप्त विवरण के अनुसार, भोपाल के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पर अक्टूबर महीने में डीआरआई ने दो बार मादक पदार्थ जब्त किए हैं। ताजा कार्रवाई में नौ किलोग्राम मेथामफेटामाइन की बरामदगी शामिल है।
बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण होता है कि मादक पदार्थों को किस माध्यम से ले जाया जा रहा है, सामान की जांच के दौरान किन परिस्थितियों में संदेह उत्पन्न हुआ और अलग-अलग मामलों के बीच कोई संबंध है या नहीं।
ट्रेनों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई बढ़ने के बाद तस्करों द्वारा बसों का इस्तेमाल किए जाने की बात इस मामले के संदर्भ में सामने आई है। हालांकि, केवल दो कार्रवाइयों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि तस्करी का बड़ा हिस्सा अब बसों के माध्यम से होने लगा है। इसके लिए विभिन्न परिवहन माध्यमों से जुड़े मामलों के आंकड़ों और जांच निष्कर्षों का विश्लेषण आवश्यक होगा।




