सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के ग्राम लसूड़िया खास में काहिरी बांध के पास स्थित पानी फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना से एक बार फिर हड़कंप मच गया। रात के समय टैंक में लीकेज होने के कारण गैस आसपास के इलाके में फैल गई। इसकी चपेट में आने से स्थानीय निवासियों और वहां से गुजर रहे लोगों को आंखों में तेज जलन, घुटन, सांस लेने में परेशानी और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें हुईं। घटना के बाद प्रभावित लोगों को उपचार के लिए सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरिओम गुप्ता के अनुसार, लसूड़िया खास से लगभग 8 से 10 मरीज आपातकालीन कक्ष में उपचार के लिए पहुंचे थे। मरीजों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया और उनकी स्थिति पर नजर रखी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती रखा गया था, जबकि कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। भर्ती मरीजों में एक व्यक्ति की हालत अधिक गंभीर बताई गई।
रात में गैस फैलने से ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लसूड़िया खास में काहिरी बांध के पास स्थित वाटर फिल्टर प्लांट में रात के समय क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। बताया गया कि टैंक में लीकेज के कारण गैस तेजी से आसपास के क्षेत्र में फैलने लगी। गैस के संपर्क में आने पर कुछ लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस हुई।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी और उन्हें सीहोर जिला अस्पताल ले जाया गया।
इस घटना में प्रेमजी, अनमोल, रामसभा, केसर सिंह और प्रेम सिंह को देर रात अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा, कुछ अन्य लोग भी उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे। कुछ मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने शुरू किया उपचार
गैस रिसाव की घटना के बाद प्रभावित लोगों को सीहोर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरिओम गुप्ता ने बताया कि लसूड़िया खास से करीब 8 से 10 मरीज आपातकालीन कक्ष में उपचार के लिए आए थे।
उन्होंने बताया कि मरीजों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा था और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भर्ती मरीजों में से एक की हालत अधिक गंभीर बनी हुई थी।
क्लोरीन गैस के संपर्क में आने से आंखों, नाक और गले में जलन, खांसी तथा सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अधिक मात्रा में गैस के संपर्क में आने पर श्वसन तंत्र पर गंभीर असर पड़ने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में प्रभावित व्यक्ति को गैस वाले क्षेत्र से सुरक्षित दूरी पर ले जाना और तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है।
नगर पालिका सीएमओ ने दी सिलेंडर हटाने की जानकारी
मामले को लेकर नगर पालिका सीहोर के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) सुधीर सिंह का बयान भी सामने आया। उन्होंने बताया कि ग्रासिम कंपनी नागदा की तकनीकी टीम द्वारा तीनों सिलेंडरों को सावधानीपूर्वक ट्रक में लादकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से हटा दिया गया है।
सिलेंडरों को हटाने की कार्रवाई का उद्देश्य संयंत्र में मौजूद संबंधित उपकरणों को सुरक्षित तरीके से वहां से निकालना था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तीनों सिलेंडरों की तकनीकी जांच में क्या निष्कर्ष निकले, गैस रिसाव का सटीक कारण क्या था और संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या अंतिम रिपोर्ट तैयार की गई।
सीहोर जिले के ग्राम लसूड़िया खास में काहिरी बांध के पास स्थित पानी फिल्टर प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गैस के संपर्क में आने से कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हुईं और करीब 8 से 10 लोग उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पांच मरीज अस्पताल में भर्ती थे और उनमें से एक की हालत अधिक गंभीर बताई गई।
नगर पालिका सीहोर के सीएमओ सुधीर सिंह ने बताया कि ग्रासिम कंपनी नागदा की तकनीकी टीम ने तीनों सिलेंडरों को प्लांट से हटाया है। वहीं, ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब इस मामले में गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाना, संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य स्थिति और जांच के निष्कर्षों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार रहेगा।





