छत्तीसगढ़ हर्बल्स के दिवाली गिफ्ट पैक का CM विष्णु देव साय ने किया लोकार्पण, महिला स्व-सहायता समूहों और वन उपज संग्राहकों को मिलेगा बड़ा लाभ

0
10

रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्थानीय उत्पादों, हर्बल वस्तुओं और वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का लोकार्पण किया। इस पहल के तहत वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए स्थानीय और हर्बल उत्पादों को आकर्षक उपहार पैक के रूप में बाजार में उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करना है।

मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम को महिला सशक्तिकरण, जनजातीय आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने से जोड़कर देखा जा रहा है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार के अवसर पर गिफ्ट पैक के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इससे प्रदेश की वन संपदा से तैयार होने वाली वस्तुओं को एक नया बाजार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया गिफ्ट पैक का लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का लोकार्पण किया। इन गिफ्ट पैक की विशेषता यह है कि इनमें वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय एवं हर्बल उत्पादों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

इस पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ में तैयार होने वाले उत्पादों को केवल सामान्य बाजार तक सीमित रखने के बजाय त्योहारों और उपहारों की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। दिवाली के दौरान लोग अपने परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों और व्यावसायिक सहयोगियों को उपहार देते हैं। ऐसे में स्थानीय उत्पादों से तैयार गिफ्ट पैक को बाजार में अच्छी पहचान दिलाने का अवसर मिल सकता है।

महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा आर्थिक लाभ

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। छत्तीसगढ़ के वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय संसाधनों और वन उपज पर आधारित उत्पादों के निर्माण में योगदान दे रही हैं। उनके द्वारा तैयार वस्तुओं को गिफ्ट पैक के रूप में बाजार तक पहुंचाने से उनकी मेहनत को व्यापक पहचान मिल सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व-सहायता समूह महिलाओं को सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन समूहों के जरिए महिलाएं उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसी गतिविधियों में भागीदारी कर सकती हैं।

वन धन विकास केंद्रों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

इस पहल में वन धन विकास केंद्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इन केंद्रों का उद्देश्य वन आधारित आजीविका से जुड़े लोगों को संगठित करना और लघु वनोपज के बेहतर उपयोग तथा मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना है।

छत्तीसगढ़ जैसे वन संपदा से समृद्ध राज्य में बड़ी संख्या में परिवार अपनी आजीविका के लिए वनों से प्राप्त होने वाली उपज पर निर्भर रहते हैं। लघु वनोपज का संग्रहण ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

हालांकि, केवल वन उपज का संग्रहण करने से उत्पादकों को हमेशा उसका पूरा आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता। यदि उसी उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, गुणवत्ता सुधार और बेहतर पैकेजिंग की जाए, तो उत्पाद का बाजार मूल्य बढ़ाने की संभावनाएं बनती हैं।

वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी गतिविधियां इसी प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकती हैं। महिला समूहों की भागीदारी से स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए नए उत्पाद तैयार करने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने का रास्ता मजबूत होता है।

वन संपदा से समृद्धि तक पहुंचाने की पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के दिवाली गिफ्ट पैक का लोकार्पण राज्य में वन संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय समुदायों की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने के प्रयास के रूप में महत्वपूर्ण है। इस पहल में महिला स्व-सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों और लघु वनोपज संग्राहकों की भूमिका प्रमुख है।

सरकार की मंशा है कि छत्तीसगढ़ की वन संपदा से तैयार उत्पादों का अधिकतम मूल्य संवर्धन प्रदेश में ही हो और उसका लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचे। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन उत्पादों को बाजार में कितनी मांग मिलती है और महिला समूहों तथा वन उपज संग्राहकों को इससे कितना स्थायी आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।

दिवाली गिफ्ट पैक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्थानीय और हर्बल उत्पादों को नई पहचान देने की यह कोशिश ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here