नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव भारत के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी थी। इसके अलावा ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई थी। वहीं, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के लिए आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया था।
मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान चक्रवाती तूफान अर्नब के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ने के बीच सामने आया था। हालांकि, तूफान के कमजोर होने के बावजूद इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल सकती थीं। IMD के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान था। इसके बाद इसकी तीव्रता में लगातार कमी आने और यह गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी।
1. चक्रवात अर्नब का कई राज्यों में दिख सकता है असर
चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में मौसम प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया था। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई थी।
इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेष रूप से निचले इलाकों में पानी जमा होने, सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
बिहार और झारखंड में बारिश का असर शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। हालांकि, सभी जिलों में एक जैसी बारिश होने की संभावना नहीं होती। किसी क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।
2. ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी बारिश का अनुमान
चक्रवात अर्नब का प्रभाव मुख्य रूप से पूर्वी और तटीय क्षेत्रों में भी महसूस किए जाने की संभावना जताई गई थी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती थी।
आंध्र प्रदेश के तट से चक्रवात के टकराने के बाद वहां मौसम की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद उससे जुड़ी नमी और मौसम प्रणालियों के कारण आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई थी।
पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया था। पूर्वी भारत में चक्रवाती गतिविधियों के दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण सड़क यातायात, स्थानीय परिवहन और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में मछुआरों तथा समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनियां महत्वपूर्ण होती हैं। समुद्र में जाने से पहले मौसम की ताजा स्थिति और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना जरूरी है।
3. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी चक्रवात अर्नब से संबंधित मौसम प्रणाली का प्रभाव पड़ने का अनुमान लगाया गया था। IMD ने पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई थी।
मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही खेतों, सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।
किसानों के लिए इस तरह का मौसम विशेष महत्व रखता है। अक्टूबर का समय रबी फसलों की बुवाई और खेतों की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अचानक होने वाली तेज बारिश से खेतों में नमी बढ़ सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर कृषि कार्य प्रभावित भी हो सकते हैं।





