drnewsindia.com/चंडीगढ़ के स्थापना दिवस समारोह में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार की बरसी के दिन दिल्ली में कांग्रेस की रैली आयोजित करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ के स्थापना दिवस समारोह में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार की बरसी के दिन दिल्ली में कांग्रेस की रैली आयोजित करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन हजारों सिखों की निर्मम हत्या हुई, उसी दिन कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने की क्या जरूरत थी।
प्रधानमंत्री बनने को लेकर राहुल गांधी पर कसा तंज
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान से नफरत के अलावा कुछ नहीं मिलेगा इंडिया गठबंधन के आह्वान पर आयोजित रामलीला मैदान की रैली और मॉक पार्लियामेंट को लेकर राहुल गांधी पर अमित साह ने निशाना साधा। उन्होंने कहा मैं राहुल गांधी जी से कहना चाहता हूं कि आपको अगर प्रधानमंत्री बनना है तो ऐसे ही मॉक पार्लियामेंट करते रहिए. आपका नंबर फिर भी नहीं आने वाला।
हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस से की थी अपील: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस को पहले यह लगा था कि शायद राहुल गांधी उस समय छोटे थे या उन्होंने इतिहास नहीं पढ़ा, इसलिए उन्हें इस दिन के महत्व की जानकारी नहीं होगी। लेकिन भाजपा ने ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस से अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को रैली आयोजित न की जाए, क्योंकि ये वही दिन हैं जब सिख विरोधी दंगे हुए थे।
अमित शाह ने आगे कहा कि कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। अब उनके बेटे राहुल गांधी ने उसी दिन दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस से अपील की थी कि 1 से 3 नवंबर के बीच कोई बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम न किया जाए, क्योंकि इससे सिख समुदाय की माताओं, बहनों और बच्चों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी।
कांग्रेस नेतृत्व अपनी जिद पर अड़ा: अमित शाह
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व अपनी जिद पर अड़ा रहा। उन्होंने दावा किया कि विदेश से आदेश दिए गए कि उसी दिन रैली आयोजित की जाए, जिस दिन हजारों सिखों को जिंदा जलाया गया था। अमित शाह ने कहा कि गुरुओं की इस धरती से वह कांग्रेस के इस प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं। भारत और पंजाब 1984 के उस दर्दनाक इतिहास को कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों का दर्द आज भी पीड़ित परिवारों के दिलों में है और ऐसे संवेदनशील दिन पर राजनीतिक आयोजन करना उनके जख्मों को फिर से कुरेदने जैसा है
करोड़ों की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
अमित शाह ने चंडीगढ़ में लगभग 258 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने शहर के विकास, पुलिस आवास, सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की चार पुरानी मांगों पर भी केंद्र सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इनमें से तीन मांगों को दीपावली के बाद पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इनकी घोषणा प्रशासक गुलाब चंद कटारिया अलग कार्यक्रम में करेंगे।
सिटी बस डिपो देश का नंबर एक डिपो बनेगा
गृह मंत्री ने करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सिटी बस डिपो का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस परियोजना का डिजाइन विस्तार से देखा है। यह अंतरराज्यीय बस डिपो देश के बेहतरीन बस डिपो में शामिल होगा। इससे चंडीगढ़ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।इसके साथ ही करीब 68 करोड़ रुपये की लागत से पुलिस विभाग के लिए 196 टाइप-3 आवासीय मकानों का निर्माण किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति का निशान मिलने के साथ ही पुलिस कर्मियों के लिए बेहतर आवास उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उनका लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक चंडीगढ़ पुलिस आवासीय संतुष्टि के मामले में देश में पहले स्थान पर हो।
एक नवंबर चंडीगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन
अमित शाह ने कहा कि एक नवंबर चंडीगढ़ के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है। वर्ष 1966 में इसी दिन चंडीगढ़ और हरियाणा की स्थापना हुई थी। इसी दिन चंडीगढ़ पुलिस की शुरुआत हुई थी और आज ही चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति का निशान प्राप्त करने का गौरव भी मिला है। उन्होंने कहा कि शिवालिक की गोद में बसा चंडीगढ़ मां चंडी के नाम पर रखा गया है। यह महान सिख गुरुओं की कर्मभूमि भी है। चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित होने के साथ पूरे उत्तर भारत की एक महत्वपूर्ण पहचान है। देश में सुनियोजित शहरों की चर्चा होती है तो चंडीगढ़ का नाम सबसे पहले आता है।




