राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मोबाइल फोन के प्रति बच्चों की बढ़ती जिद और परिवारों के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। यहां पानीपुरी का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक पिता के 16 वर्षीय बेटे ने आईफोन दिलाने की मांग की। पिता ने आर्थिक स्थिति को देखते हुए बेटे की यह मांग पूरी करने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर किशोर घर से नाराज होकर निकल गया। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो वे रात करीब 11 बजे पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और सुबह करीब 6 बजे किशोर को राजस्थान के कोटा से सुरक्षित वापस ले आई।

इस घटना के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। जिस बेटे की तलाश में परिजन पूरी रात परेशान रहे, उसे सुरक्षित देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। घटना 2 नवंबर की बताई जा रही है।
आईफोन की जिद को लेकर पिता से हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सारंगपुर के वार्ड क्रमांक 15 में रहने वाले अनिल पुष्पद पानीपुरी का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका 16 वर्षीय बेटा उनसे आईफोन खरीदकर देने की मांग कर रहा था। किशोर की इच्छा थी कि उसे भी महंगा स्मार्टफोन मिले। हालांकि, पिता की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे आसानी से महंगा आईफोन खरीद सकें।
पिता ने बेटे को समझाने का प्रयास किया और अपनी परिस्थितियों के बारे में बताया। उन्होंने आईफोन खरीदने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन किशोर अपनी मांग पर अड़ा रहा। पिता की ओर से मना किए जाने के बाद वह नाराज हो गया। परिवार के लोगों को अंदाजा नहीं था कि मोबाइल फोन को लेकर हुई यह नाराजगी इतनी गंभीर स्थिति में बदल जाएगी।
रात 11 बजे थाने पहुंचे परिजन
जब परिवार की ओर से अपने स्तर पर की गई तलाश के बावजूद किशोर का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस की मदद लेने का निर्णय लिया। रात करीब 10 बजे तक बेटे के वापस नहीं आने के बाद परिवार के सदस्य लगभग 11 बजे सारंगपुर थाने पहुंचे।
यहां उन्होंने थाना प्रभारी को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस को बताया गया कि 16 वर्षीय बेटा आईफोन की मांग कर रहा था। पिता के मना करने पर वह शाम करीब 6 बजे स्कूल बैग में कपड़े रखकर घर से निकल गया। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया है। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सारंगपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी। चूंकि किशोर नाबालिग था और कई घंटे से घर से लापता था, इसलिए पुलिस ने उसकी तलाश में तेजी दिखाई।
मोबाइल लोकेशन से मिला राजस्थान का सुराग
पुलिस ने किशोर के मोबाइल नंबर को ट्रेसिंग पर लगाया और उसकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को राजस्थान की लोकेशन से जुड़ा सुराग मिला। जानकारी सामने आई कि किशोर का मोबाइल राजस्थान की ओर मूव कर रहा था और उसकी लोकेशन कोटा की दिशा में मिल रही थी।
इस सुराग के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई। मोबाइल लोकेशन के जरिए किशोर की संभावित यात्रा और उसके ठिकाने का पता लगाने का प्रयास किया गया। राजस्थान की ओर लोकेशन मिलने के बाद पुलिस को अंदाजा हो गया कि किशोर सारंगपुर से काफी दूर निकल चुका है।
इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देर किए उसकी तलाश के लिए कार्रवाई की। मामले में मोबाइल लोकेशन महत्वपूर्ण साबित हुई। यदि पुलिस को समय रहते तकनीकी सुराग नहीं मिलता तो किशोर को तलाशने में और परेशानी हो सकती थी।




