भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में कांग्रेस संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल नहीं होने पर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने अपने 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। संगठन की ओर से 3 नवंबर को जारी निलंबन आदेश में जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों तक के नाम शामिल हैं। इनमें 9 जिला अध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष और 46 सचिव एवं महासचिव शामिल बताए गए हैं। युवा कांग्रेस ने इस कार्रवाई का आधार भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना को बनाया है।

इस फैसले के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस की राजनीति में संगठनात्मक अनुशासन और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व की ओर से दिल्ली में आयोजित रैली को महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम माना गया था। ऐसे में निर्धारित कार्यक्रम में पदाधिकारियों की गैरमौजूदगी को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
दिल्ली की रैली में शामिल नहीं हुए 60 पदाधिकारी
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत बड़ी रैली आयोजित की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी की राजनीतिक चिंताओं को सामने रखना था।
कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर लगातार राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित की गई थी। पार्टी के राष्ट्रीय और विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को भी इसमें शामिल होने के निर्देश दिए गए थे।
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों की रैली में अनुपस्थिति को संगठन ने गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित पदाधिकारियों से जुड़े मामले पर कार्रवाई की गई और 3 नवंबर को निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।
3 नवंबर को जारी हुआ निलंबन आदेश
मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में कुल 60 पदाधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित पदाधिकारियों पर राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है।
इस कार्रवाई में अलग-अलग संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल रहे नेताओं को शामिल किया गया है। आदेश के मुताबिक, 9 जिला अध्यक्ष, 5 प्रदेश उपाध्यक्ष और 46 सचिव एवं महासचिवों पर कार्रवाई की गई है।
यह संख्या बताती है कि कार्रवाई केवल जिला स्तर के पदाधिकारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रदेश संगठन में जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं को भी इसके दायरे में लिया गया है। युवा कांग्रेस के इस कदम को संगठन में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सभी निलंबित पदाधिकारियों के नाम और उनके जिलों का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। इसी तरह संबंधित नेताओं को व्यक्तिगत रूप से क्या कारण बताओ नोटिस दिया गया था या उनका पक्ष मांगा गया था, इसकी विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।




