छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान मुरासु का असर, 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी; 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान मुरासु का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के मौसम में अचानक बदलाव आया है। मंगलवार शाम राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से आगे बढ़ने के बाद कमजोर हो चुका है, लेकिन इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में मौसम प्रभावित हो रहा है। आने वाले दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। खासकर मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम का असर अधिक दिखाई दे सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

16 जिलों में यलो अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

चक्रवात मुरासु के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 16 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना है।

कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। इसके अलावा प्रदेश के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भी कुछ जगह मध्यम से भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

यलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की संभावित खराब स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रभावित जिलों में एक जैसी बारिश होगी। किसी क्षेत्र में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे स्थान पर तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए लोगों को अपने क्षेत्र के मौसम संबंधी अपडेट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

रायपुर और बिलासपुर समेत कई शहरों में बदला मौसम

चक्रवात का असर राजधानी रायपुर में भी दिखाई दिया है। मंगलवार शाम शहर में आसमान पर बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर बारिश हुई। मौसम में आए इस बदलाव के कारण दिनभर की गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिलने की संभावना है।

बिलासपुर समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

मंगलवार को प्रदेश में रायपुर का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 4.5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया था।

इसके अलावा बिलासपुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस और जगदलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति में अंतर दिखाई देता है। Indian News Trust+1

आंध्र प्रदेश के तट से आगे बढ़कर कमजोर हुआ मुरासु

मौसम में आए बदलाव की मुख्य वजह चक्रवाती तूफान मुरासु है, जो बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ था। इसके बाद यह आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ा और वहां इसका प्रभाव देखने को मिला।

मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे के आसपास तूफान आंध्र प्रदेश के बापटला से लगभग 40 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में केंद्रित था। उस समय इसकी हवाओं की गति 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी। हवा के तेज झोंकों के साथ इसकी गति लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी।

इसके बाद तूफान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और धीरे-धीरे कमजोर होने लगा। मौसम संबंधी जानकारी के मुताबिक, यह कमजोर होकर गहरे अवदाब की स्थिति में पहुंच गया। 3 नवंबर की शाम तक इसकी अधिकतम निरंतर हवा की गति लगभग 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई थी, जबकि झोंकों के साथ गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक थी।

दक्षिणी छत्तीसगढ़ में बारिश की अधिक संभावना

मुरासु के प्रभाव से दक्षिणी छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बस्तर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

दक्षिणी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

बारिश के कारण कुछ स्थानों पर तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही तेज हवाओं और बादलों की वजह से दिन और रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव संभव है।

हालांकि, बारिश की मात्रा और उसका प्रभाव हर जिले में अलग-अलग हो सकता है। इसलिए किसी एक शहर के मौसम को पूरे प्रदेश की स्थिति नहीं माना जाना चाहिए।

अगले दिनों में भी मौसम पर रहेगी नजर

चक्रवाती तूफान मुरासु के कमजोर पड़ने के बाद भी छत्तीसगढ़ में मौसम की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। रायपुर, बिलासपुर और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।

फिलहाल प्रदेश के 16 जिलों में जारी यलो अलर्ट को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में बदलाव होने पर चेतावनी वाले जिलों और बारिश की स्थिति में भी परिवर्तन हो सकता है।

कुल मिलाकर, मुरासु चक्रवात का सीधा प्रभाव कमजोर पड़ने के बावजूद छत्तीसगढ़ के मौसम पर इसका असर बना हुआ है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करना चाहिए।

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