दिवाली-छठ पर घर जाना होगा आसान, रेलवे चलाएगा करीब 15,000 ट्रेनें; 100 से अधिक जोड़ी स्पेशल ट्रेनें और वंदे भारत भी शामिल

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दिवाली और छठ पूजा का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में रहने वाले लोगों की अपने घर लौटने की तैयारियां तेज हो गई हैं। खासकर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के उन लोगों के लिए यह समय बेहद खास होता है, जो रोजगार, पढ़ाई और कारोबार के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत और देश के दूसरे बड़े शहरों में रहते हैं। त्योहारों पर परिवार के साथ समय बिताने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगर और गांवों की ओर रवाना होते हैं। इसके चलते हर साल रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बिहार जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना भी यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

यात्रियों की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने इस साल दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों के दौरान रेल परिचालन को लेकर व्यापक व्यवस्था की है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, त्योहारों के दौरान यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए करीब 15,000 ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 100 से अधिक जोड़ी स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। इस विशेष व्यवस्था में पटना से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन भी शामिल है। रेलवे की इस पहल से त्योहारों के दौरान घर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

त्योहारों पर बढ़ जाती है ट्रेनों में यात्रियों की भीड़

दिवाली और छठ पूजा भारत के प्रमुख त्योहारों में शामिल हैं। बिहार में छठ पर्व का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इस अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर लौटते हैं। यही वजह है कि अक्टूबर और नवंबर के दौरान बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है।

दिल्ली से पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे शहरों के लिए बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इसी तरह मुंबई और अन्य औद्योगिक शहरों से भी बिहार के विभिन्न जिलों में जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है।

सामान्य दिनों में जिन ट्रेनों में टिकट उपलब्ध रहते हैं, उनमें त्योहारों के दौरान लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिलती है। स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी जैसी श्रेणियों में सीटों की मांग बढ़ जाती है। कई यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण अपनी यात्रा की तारीख बदलनी पड़ती है या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है। रेलवे की अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था का उद्देश्य इसी दबाव को कम करना है।

करीब 15 हजार ट्रेनों की व्यवस्था से मिलेगी राहत

इस बार रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए करीब 15,000 ट्रेनों की व्यवस्था की है। इसके साथ ही 100 से अधिक जोड़ी स्पेशल ट्रेनें भी संचालित की जा रही हैं। इन ट्रेनों का उद्देश्य त्योहारों के समय प्रमुख रेल मार्गों पर यात्रियों की अतिरिक्त मांग को पूरा करना है।

स्पेशल ट्रेनों के संचालन से उन यात्रियों को भी राहत मिल सकती है, जिन्हें नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिल पा रही है। विशेष रूप से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

त्योहारों के दौरान रेलवे को केवल यात्रियों की संख्या ही नहीं, बल्कि उनकी यात्रा की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखना होता है। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को यात्रा के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, किसी विशेष ट्रेन में सीट उपलब्ध होगी या नहीं, यह उसके निर्धारित रूट, तारीख, श्रेणी और बुकिंग की स्थिति पर निर्भर करेगा।

पटना-नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन भी व्यवस्था में शामिल

इस बार की रेलवे व्यवस्था की एक खास बात पटना और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत ट्रेन का शामिल होना है। वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं और तेज रफ्तार के लिए जानी जाती है। इसमें आरामदायक सीटें, बेहतर यात्री सुविधाएं और आधुनिक कोच उपलब्ध कराए गए हैं।

पटना और दिल्ली के बीच बड़ी संख्या में लोग नौकरी, शिक्षा, व्यापार और अन्य जरूरी कामों के सिलसिले में यात्रा करते हैं। त्योहारों के समय इस रेल मार्ग पर यात्रियों का दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन की उपलब्धता यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।

खासकर उन लोगों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है, जो कम समय में आरामदायक यात्रा करना चाहते हैं। हालांकि, यात्रियों को वंदे भारत की निर्धारित समय-सारणी, किराया और सीटों की उपलब्धता की जानकारी आधिकारिक रेलवे प्लेटफॉर्म से जांचने के बाद ही टिकट बुक करना चाहिए।

दिल्ली और मुंबई से बिहार जाने वालों को होगा फायदा

बिहार के लाखों लोग देश के अलग-अलग महानगरों में रोजगार और कारोबार करते हैं। इनमें दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में रहने वाले लोग बड़ी संख्या में शामिल हैं। दिवाली और छठ पूजा के समय इन लोगों की घर वापसी के कारण बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिलता है।

दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और दूसरे शहर प्रमुख गंतव्य रहते हैं। वहीं मुंबई से बिहार आने वाले यात्रियों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ने से अलग-अलग रूटों पर यात्रा के विकल्प बढ़ सकते हैं।

इसके अलावा त्योहारों के दौरान परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को भीड़भाड़ से बचने के लिए पहले से यात्रा की योजना बनाना जरूरी है। अतिरिक्त ट्रेनों का लाभ तभी बेहतर तरीके से मिल सकेगा, जब यात्री समय रहते अपनी यात्रा की जानकारी लेकर टिकट बुक करेंगे।

टिकट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था किए जाने के बावजूद यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी चाहिए। त्योहारों के दौरान टिकटों की मांग अधिक रहती है, इसलिए अंतिम समय तक इंतजार करने से परेशानी हो सकती है।

यात्री अपनी ट्रेन का नंबर, प्रस्थान स्टेशन, गंतव्य स्टेशन और यात्रा की तारीख IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जांच सकते हैं। स्पेशल ट्रेनों की समय-सारणी और ठहराव की जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट तथा NTES ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

टिकट बुक करते समय यह भी देखना जरूरी है कि ट्रेन किस दिन और किस स्टेशन से रवाना होगी। कुछ स्पेशल ट्रेनें सप्ताह के निर्धारित दिनों में ही चलती हैं। इसलिए केवल ट्रेन के नाम के आधार पर यात्रा की योजना बनाना उचित नहीं है।

छठ पूजा पर घर लौटने वाले यात्रियों की उम्मीदें बढ़ीं

बिहार में छठ पूजा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि परिवार और सामाजिक जीवन से जुड़ा बड़ा आयोजन है। इस पर्व पर दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग भी अपने गांव और शहर लौटने की कोशिश करते हैं। कई परिवारों के लिए सालभर में यह ऐसा अवसर होता है, जब सभी सदस्य एक साथ त्योहार मनाते हैं।

ऐसे में रेलवे की ओर से करीब 15,000 ट्रेनों की व्यवस्था और 100 से अधिक जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। पटना-नई दिल्ली वंदे भारत ट्रेन का शामिल होना भी इस व्यवस्था को खास बनाता है।

हालांकि, यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि 15,000 ट्रेनों की व्यवस्था का आंकड़ा और 100 से अधिक जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन अलग-अलग श्रेणियों की जानकारी है। किसी खास शहर के लिए ट्रेन, उसकी तारीख, समय और ठहराव की पुष्टि आधिकारिक रेलवे सूचना से ही करनी चाहिए।

कुल मिलाकर दिवाली और छठ पूजा के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों के लिए रेलवे की यह तैयारी महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त ट्रेनों से नियमित रेल सेवाओं पर दबाव कम करने और यात्रियों को अधिक विकल्प देने में मदद मिल सकती है। अब यात्रियों की नजर अपने रूट के अनुसार स्पेशल ट्रेनों की समय-सारणी और टिकट उपलब्धता पर रहेगी, ताकि वे बिना अनावश्यक परेशानी के परिवार के साथ दिवाली और छठ का त्योहार मना सकें।

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