रायपुर : धनतेरस, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए हाईटेक निगरानी की तैयारी की गई है। त्योहारों के समय खरीदारी, धार्मिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही बढ़ने से प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों, व्यस्त चौराहों और संकरे मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी परिस्थितियों में जाम की समस्या को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही बेहतर बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस आधुनिक तकनीक की मदद लेगी।


इस व्यवस्था के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के कैमरों, Google Maps के लाइव ट्रैफिक डेटा और ड्रोन की सहायता से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी। किसी मार्ग पर वाहनों की गति धीमी होने या जाम की स्थिति बनने पर संबंधित अधिकारियों और यातायात टीमों को अलर्ट भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके बाद मौके पर पहुंचकर यातायात को व्यवस्थित करने और बाधित मार्ग को खुलवाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों में बढ़ती भीड़ के लिए विशेष यातायात योजना
धनतेरस और दीपावली के अवसर पर बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ जाती है। लोग कपड़े, आभूषण, घरेलू सामान, सजावट की वस्तुएं और पूजा सामग्री खरीदने के लिए बाजारों का रुख करते हैं। इसके चलते मुख्य बाजारों, व्यावसायिक क्षेत्रों और उनसे जुड़ने वाली सड़कों पर वाहनों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो सकती है।
छठ पर्व के दौरान भी धार्मिक गतिविधियों और पूजा से जुड़े आवागमन के कारण कुछ क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए केवल सड़क पर तैनात पुलिसकर्मियों पर निर्भर रहने के बजाय तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया जाएगा।
ITMS कैमरों से होगी प्रमुख मार्गों की निगरानी
यातायात प्रबंधन में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी ITMS कैमरों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इन कैमरों की मदद से उन प्रमुख मार्गों और चौराहों की निगरानी की जा सकेगी, जहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है।
कैमरों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर यातायात की स्थिति का आकलन करने और संभावित बाधाओं पर ध्यान देने में सहायता मिल सकती है। यदि किसी स्थान पर वाहनों की कतार लंबी होने लगे या यातायात की गति धीमी पड़ने लगे, तो संबंधित अधिकारियों को उस क्षेत्र में अतिरिक्त व्यवस्था करने की जरूरत का संकेत मिल सकता है।
त्योहारों के दौरान ऐसी निगरानी विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है, क्योंकि बाजारों में आने-जाने वाले वाहनों, पार्किंग की तलाश कर रहे लोगों और सड़क किनारे रुकने वाले वाहनों के कारण आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
Google Maps के लाइव ट्रैफिक डेटा से मिलेगी जाम की जानकारी
यातायात पुलिस की तैयारी में Google Maps के लाइव ट्रैफिक डेटा को भी शामिल किया गया है। इस डेटा की मदद से सड़कों पर वाहनों की गति और संभावित भीड़भाड़ वाले हिस्सों की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
यदि किसी मार्ग पर सामान्य से अधिक यातायात दबाव दिखाई देता है, तो संबंधित क्षेत्र की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इसके आधार पर यातायात प्रबंधन से जुड़ी टीमों को सक्रिय करने और जरूरत के अनुसार मौके पर व्यवस्था सुधारने की कार्रवाई की जा सकती है।
लाइव ट्रैफिक डेटा का उपयोग आम वाहन चालकों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले Google Maps पर मार्ग की स्थिति देखकर लोग उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी ले सकते हैं। हालांकि, नक्शे पर दिखाई देने वाली स्थिति हमेशा पूरी तरह वास्तविक परिस्थितियों को नहीं दर्शाती। सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य, अचानक होने वाली भीड़ या पुलिस द्वारा किए गए अस्थायी बदलावों के कारण स्थिति बदल सकती है।
ड्रोन से भीड़भाड़ वाले इलाकों पर रखी जाएगी नजर
हाईटेक निगरानी की तैयारी में ड्रोन का इस्तेमाल भी शामिल है। ड्रोन की मदद से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की स्थिति का ऊपर से निरीक्षण किया जा सकता है। इससे उन स्थानों की पहचान करने में सहायता मिल सकती है, जहां वाहनों की लंबी कतारें बन रही हों या यातायात का दबाव बढ़ रहा हो।
बाजारों और संकरे रास्तों में कई बार सड़क पर मौजूद स्थिति का आकलन करना कठिन हो जाता है। ऐसे में हवाई निगरानी से संबंधित अधिकारियों को व्यापक दृश्य मिल सकता है और वे जरूरत के अनुसार यातायात टीमों को निर्देश दे सकते हैं।
हालांकि, ड्रोन से निगरानी का वास्तविक दायरा उसके इस्तेमाल की अनुमति, उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय व्यवस्था पर निर्भर करेगा। इस संबंध में किसी निश्चित संख्या में ड्रोन तैनात किए जाने या सभी क्षेत्रों में लगातार निगरानी होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
धनतेरस, दीपावली और छठ के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए ITMS कैमरों, Google Maps के लाइव ट्रैफिक डेटा, ड्रोन और कंट्रोल रूम के समन्वित इस्तेमाल की तैयारी की गई है। जाम की स्थिति बनने पर संबंधित प्रभारी, पेट्रोलिंग टीम और QRT को अलर्ट भेजा जाएगा, जबकि प्रमुख बाजारों, संकरे रास्तों और व्यस्त चौराहों पर अतिरिक्त जवान तैनात रहेंगे।
इस व्यवस्था की सफलता समय पर सूचना मिलने, टीमों की त्वरित कार्रवाई और नागरिकों के सहयोग पर निर्भर करेगी। वाहन चालकों को आधिकारिक यातायात निर्देशों का पालन करना चाहिए, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन को यथासंभव सुचारू बनाए रखा जा सके।




