सीहोर। दीपावली पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पटाखा दुकानदारों और व्यापारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 27 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली परिसर में थाना प्रभारी की ओर से पटाखा दुकान संचालकों एवं व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहार के दौरान पटाखों की बिक्री, दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई।


पुलिस ने व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करें। प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने के साथ रेत और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अलावा दुकानों में ज्वलनशील सामग्री का अनावश्यक भंडारण नहीं करने और पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों पर करने के निर्देश दिए गए।
27 अक्टूबर को थाना कोतवाली परिसर में हुई बैठक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को आगामी दीपावली त्योहार को ध्यान में रखते हुए थाना कोतवाली परिसर में पटाखा व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें थाना प्रभारी ने व्यापारियों को सुरक्षा संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए उनका पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दीपावली के समय पटाखों की खरीद-बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही, सामान के भंडारण और बिक्री व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है, तो आग लगने या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने दुकानदारों को निर्देशित किया कि वे अपनी दुकानों में सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम पहले से सुनिश्चित करें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और कारोबार के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
दुकानों पर अग्निशमन उपकरण रखना जरूरी
बैठक में पुलिस की ओर से दिए गए प्रमुख निर्देशों में दुकानों पर अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखना शामिल रहा। पटाखों की बिक्री करने वाले दुकानदारों को आग से बचाव के इंतजामों को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया।
पटाखों से संबंधित सामग्री के भंडारण और बिक्री के दौरान आग से सुरक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। किसी दुकान में आग लगने की स्थिति में उचित उपकरण उपलब्ध होने से शुरुआती स्तर पर स्थिति को संभालने में मदद मिल सकती है। हालांकि, आग की प्रकृति के अनुसार सही उपकरण और प्रशिक्षित सहायता का उपयोग करना भी आवश्यक है।
व्यापारियों को चाहिए कि वे अग्निशमन उपकरणों को ऐसी जगह रखें जहां जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत इस्तेमाल किया जा सके। उपकरणों की स्थिति और उनकी उपयोगिता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में वे प्रभावी साबित हों।
ज्वलनशील सामग्री का अनावश्यक भंडारण नहीं करें
पटाखा व्यापारियों को दुकानों में ज्वलनशील सामग्री का अनावश्यक भंडारण नहीं करने के लिए भी निर्देशित किया गया। पटाखों की बिक्री के दौरान सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखना और निर्धारित नियमों के अनुसार ही उसका भंडारण करना आवश्यक है।
दुकानों में जरूरत से अधिक या असुरक्षित तरीके से सामग्री जमा करने से दुर्घटना की स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए व्यापारियों को भंडारण संबंधी नियमों का पालन करना चाहिए और दुकानों में ऐसी वस्तुएं नहीं रखनी चाहिए जो आग लगने की आशंका बढ़ा सकती हैं।
इसके साथ ही दुकान के भीतर और बाहर पर्याप्त जगह बनाए रखना जरूरी है, ताकि ग्राहक सुरक्षित रूप से आवाजाही कर सकें। आपात स्थिति में बाहर निकलने के रास्ते में सामान या अन्य बाधाएं नहीं होनी चाहिए।
निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही हो पटाखों की बिक्री
पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों पर की जाए। इस निर्देश का उद्देश्य बिक्री व्यवस्था को नियंत्रित रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पटाखों की दुकान लगाने के लिए संबंधित प्रशासनिक नियमों और आवश्यक अनुमतियों का पालन करना महत्वपूर्ण होता है। व्यापारियों को अपने स्तर पर दुकान का स्थान तय करने के बजाय लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार ही बिक्री करनी चाहिए।
बाजारों में दुकानों की व्यवस्था इस तरह होनी चाहिए कि ग्राहकों की भीड़ से आवाजाही प्रभावित न हो। इसके अलावा दुकानों के आसपास आग से संबंधित जोखिम पैदा करने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए।
सुरक्षा नियमों का पालन केवल दुकानदारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इससे ग्राहकों और आसपास के लोगों की सुरक्षा भी जुड़ी होती है। इसलिए प्रत्येक व्यापारी को अपनी दुकान पर निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए।
प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील
बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने व्यापारियों को प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के लिए कहा। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है।
दीपावली के अवसर पर बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में दुकानदारों का सहयोग पुलिस प्रशासन के लिए उपयोगी हो सकता है। व्यापारियों को सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधियों से बचना चाहिए और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए।
प्रशासनिक नियमों का पालन करने से पटाखों की बिक्री अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकती है। साथ ही सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने से दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।
आमजन की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर
पुलिस की इस पहल में आम नागरिकों की सुरक्षा को प्रमुखता दी गई है। पटाखों की खरीदारी करने वाले लोगों को भी चाहिए कि वे नियमों के अनुरूप बिक्री करने वाले दुकानदारों से ही पटाखे खरीदें और उनका इस्तेमाल करते समय सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
पटाखे जलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखना, बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देना और आग से संबंधित जोखिमों को गंभीरता से लेना आवश्यक है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत संबंधित आपातकालीन सेवाओं से सहायता लेनी चाहिए।
व्यापारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपनी दुकानों में आवश्यक सुरक्षा इंतजाम बनाए रखें। वहीं, नागरिकों को भी सुरक्षित व्यवहार अपनाकर पुलिस प्रशासन के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए।
सुरक्षित दीपावली के लिए पुलिस और व्यापारियों का समन्वय जरूरी
27 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली परिसर में आयोजित बैठक के माध्यम से पटाखा व्यापारियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने अग्निशमन उपकरण रखने, रेत-पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने, ज्वलनशील सामग्री का अनावश्यक भंडारण नहीं करने और पटाखों की बिक्री केवल निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही व्यापारियों से प्रशासन के नियमों का पालन करने और दीपावली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई।
कुल मिलाकर, दीपावली से पहले आयोजित यह बैठक पटाखों की बिक्री को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि व्यापारी सुरक्षा मानकों का पालन करें और नागरिक भी सावधानी बरतें, तो त्योहार के दौरान संभावित जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है। पुलिस प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करना सभी संबंधित लोगों के हित में है।




