नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों तक सेवाओं और सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए ‘निधि आपके निकट 2.0’ पहल के तहत कैंप आयोजित करने जा रहा है। सितंबर महीने में यह कैंप 28 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य कर्मचारियों, नियोक्ताओं और अन्य संबंधित लोगों को EPFO की योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य निधि यानी PF से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के समाधान में सहायता करना है।
28 सितंबर को लगेगा कैंप
‘निधि आपके निकट 2.0’ के तहत आयोजित होने वाले कैंप में EPFO से संबंधित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा सदस्यों को अपनी समस्याएं सामने रखने और संबंधित अधिकारियों से सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
EPFO की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ऐसे कैंपों में EPF, पेंशन और EDLI से संबंधित शिकायतों और सहायता की व्यवस्था की जाती है। कैंप के स्थान की जानकारी के लिए संबंधित PF कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है या EPFO की हेल्पलाइन 14470 पर जानकारी ली जा सकती है।
क्या है ‘निधि आपके निकट 2.0’ पहल?
‘निधि आपके निकट’ कार्यक्रम को EPFO ने अपने हितधारकों तक पहुंच बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शुरू किया था। बाद में इसे व्यापक रूप देते हुए ‘निधि आपके निकट 2.0’ कार्यक्रम शुरू किया गया। EPFO के मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में इसका उद्देश्य देश के सभी जिलों में संगठन की मौजूदगी और पहुंच को मजबूत करना बताया गया है।
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें EPFO के अधिकारी और कर्मचारी केवल कार्यालय में बैठकर शिकायतों का इंतजार नहीं करते, बल्कि कैंप के माध्यम से लोगों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, कार्यक्रम का फोकस जिला स्तर पर रखा गया है और इसे कर्मचारियों तथा नियोक्ताओं के लिए जागरूकता एवं शिकायत समाधान के मंच के रूप में विकसित किया गया है।
‘निधि आपके निकट 2.0’ का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि कर्मचारियों और नियोक्ताओं को EPFO की योजनाओं और सेवाओं के बारे में जागरूक करना भी है। इससे सदस्यों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि PF, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सेवाओं से जुड़े मामलों में किस प्रक्रिया का पालन करना है।
EPFO के आधिकारिक दस्तावेजों में इस कार्यक्रम को संगठन की पहुंच बढ़ाने वाला समावेशी आउटरीच कार्यक्रम बताया गया है। इसके जरिए कर्मचारियों, नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों के बीच जानकारी के आदान-प्रदान के साथ शिकायत निवारण को भी महत्व दिया गया है।




