नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। खासकर सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान धाम क्षेत्र में उमड़ने वाली भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कई बार लंबे जाम की स्थिति बन रही है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने अब भीड़ प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रद्धालुओं के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने पर चर्चा हुई और इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की गई है।
पिछले वीकेंड की भीड़ ने बढ़ाई चिंता
प्रशासन की हालिया बैठक में पिछले गांधी जयंती के आसपास तीन दिन के वीकेंड में कैंची धाम क्षेत्र में बढ़ी भीड़ और उससे पैदा हुई यातायात समस्या पर विशेष रूप से चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक उस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई थी, जिससे सड़क, पार्किंग और आवाजाही को संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसी अनुभव के बाद अब पहले से भीड़ का अनुमान लगाने और उसी के अनुरूप व्यवस्था करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पर्यटन कारोबारियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का प्रमुख विषय यह रहा कि यदि किसी दिन कैंची धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहले से ज्ञात हो, तो उसी हिसाब से पार्किंग, यातायात, सुरक्षा, शटल सेवा और मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं तैयार की जा सकती हैं। इसी उद्देश्य से रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।
20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की संख्या पर चर्चा
बैठक में प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश देने की क्षमता को एक संभावित प्रबंधनीय सीमा के तौर पर चर्चा में रखा गया। हालांकि इसे अंतिम रूप से लागू करने का निर्णय अभी नहीं हुआ है। संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा और उसके बाद आगे की व्यवस्था तय होगी।
प्रशासन की सोच यह है कि पंजीकरण के जरिए एक दिन में संभावित श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान पहले से लगाया जा सके। यदि किसी दिन पंजीकरण की संख्या अधिक होती है तो उसी के अनुसार यातायात प्रबंधन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इससे अचानक उमड़ने वाली भीड़ के कारण बनने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था प्रस्ताव और योजना के चरण में है। अंतिम नियम, पंजीकरण की प्रक्रिया और इसे कब से लागू किया जाएगा, यह शासन की मंजूरी के बाद स्पष्ट होगा। लेकिन हालिया बैठक से इतना साफ है कि कैंची धाम में बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या को लेकर प्रशासन अब दीर्घकालिक व्यवस्था बनाने पर जोर दे रहा है। आने वाले समय में रजिस्ट्रेशन, अलग प्रवेश-निकासी, बेहतर यातायात प्रबंधन, होटल-होमस्टे निरीक्षण और वीकेंड निगरानी जैसे कदम धाम की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पिछले वीकेंड की भीड़ ने बढ़ाई चिंता
प्रशासन की हालिया बैठक में पिछले गांधी जयंती के आसपास तीन दिन के वीकेंड में कैंची धाम क्षेत्र में बढ़ी भीड़ और उससे पैदा हुई यातायात समस्या पर विशेष रूप से चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक उस दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई थी, जिससे सड़क, पार्किंग और आवाजाही को संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। इसी अनुभव के बाद अब पहले से भीड़ का अनुमान लगाने और उसी के अनुरूप व्यवस्था करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में प्रशासन, पुलिस, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और पर्यटन कारोबारियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का प्रमुख विषय यह रहा कि यदि किसी दिन कैंची धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहले से ज्ञात हो, तो उसी हिसाब से पार्किंग, यातायात, सुरक्षा, शटल सेवा और मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं तैयार की जा सकती हैं। इसी उद्देश्य से रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को महत्वपूर्ण विकल्प माना जा रहा है।
फिलहाल रजिस्ट्रेशन व्यवस्था प्रस्ताव और योजना के चरण में है। अंतिम नियम, पंजीकरण की प्रक्रिया और इसे कब से लागू किया जाएगा, यह शासन की मंजूरी के बाद स्पष्ट होगा। लेकिन हालिया बैठक से इतना साफ है कि कैंची धाम में बढ़ती भीड़ और जाम की समस्या को लेकर प्रशासन अब दीर्घकालिक व्यवस्था बनाने पर जोर दे रहा है। आने वाले समय में रजिस्ट्रेशन, अलग प्रवेश-निकासी, बेहतर यातायात प्रबंधन, होटल-होमस्टे निरीक्षण और वीकेंड निगरानी जैसे कदम धाम की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।





