नई दिल्ली। देश के सर्राफा और कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बीते कुछ दिनों से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है और शुक्रवार को गिरावट ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव एक ही कारोबारी दिन में करीब 4,000 रुपये प्रति 10 ग्राम टूट गया, जबकि चांदी की कीमत में 10,000 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट के बाद सोना और चांदी दोनों अपने हाल के ऊंचे स्तरों से काफी नीचे आ गए हैं। खास तौर पर चांदी में एक सप्ताह के भीतर करीब 17,000 रुपये प्रति किलो की कमी आई है। 23 अक्टूबर को MCX पर चांदी का भाव लगभग 1.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब घटकर करीब 1.78 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। यानी कुछ ही कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है।
MCX पर सोना 1.38 लाख रुपये के करीब पहुंचा
शुक्रवार को MCX पर सोने की कीमत में तेज कमजोरी देखने को मिली। 10 ग्राम सोने का भाव करीब 4,000 रुपये गिरकर 1,38,419 रुपये पर आ गया। लगातार हो रही इस गिरावट से उन निवेशकों और खरीदारों का ध्यान बाजार की ओर गया है, जो सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रख रहे हैं।
सोने को भारत में पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश और आभूषण खरीदने का प्रमुख विकल्प माना जाता है। शादी-विवाह, त्योहारों और पारिवारिक जरूरतों के कारण भी इसकी मांग बनी रहती है। ऐसे में कीमतों में बड़ी गिरावट आने पर आम खरीदारों से लेकर निवेशकों तक के बीच बाजार की दिशा को लेकर चर्चा तेज हो जाती है।
चांदी एक सप्ताह में करीब 17 हजार रुपये सस्ती
चांदी की कीमतों में गिरावट का असर और अधिक स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को MCX पर चांदी करीब 1.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इसके बाद कीमत में लगातार कमजोरी आई और शुक्रवार तक यह घटकर लगभग 1,78,900 रुपये प्रति किलो रह गई।
इस तरह एक सप्ताह के दौरान चांदी करीब 17,000 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई। शुक्रवार को ही इसकी कीमत में 10,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इतनी तेज गिरावट से चांदी में निवेश करने वाले कारोबारियों और निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर दबाव
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही। वैश्विक बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई। शुक्रवार को कॉमेक्स पर सोने की कीमत 3.63 प्रतिशत गिरकर 3,884.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ता है। भारत अपनी सोने की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में डॉलर में सोने की कीमत, रुपये की विनिमय दर और आयात से जुड़ी लागत घरेलू बाजार के भाव को प्रभावित करती है।
चांदी के वैश्विक भाव में भी कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के साथ भारतीय वायदा बाजार में भी चांदी पर दबाव बना रहा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चांदी के कॉमेक्स भाव का सटीक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है, इसलिए उसके बारे में कोई निश्चित मूल्य बताना उचित नहीं होगा।
अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से बाजार पर असर
सोने और चांदी में गिरावट के पीछे अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़ों को भी एक महत्वपूर्ण कारण बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अमेरिका में महंगाई दर केंद्रीय बैंक के निर्धारित 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। महंगाई के आंकड़े आने के बाद निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति और ब्याज दरों की संभावित दिशा का आकलन करते हैं।
अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए ब्याज दरों से जुड़े फैसले लेता है। जब महंगाई अपेक्षा से अधिक बनी रहती है, तो ब्याज दरों में कटौती की संभावना को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल सकती हैं। इसका असर सोने जैसी उन संपत्तियों पर पड़ सकता है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता।




