राहुल गांधी के धरने के बाद INDIA गठबंधन की रणनीति बैठक, खरगे के लंच के बाद जंतर-मंतर पर जुटे विपक्षी सांसद

0
11

नई दिल्ली। नई दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को दिल्ली में हुए बड़े प्रदर्शन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कई घंटे चले धरने के अगले ही दिन बुधवार को INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक की। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने गठबंधन के सांसदों को दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच के लिए आमंत्रित किया। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर धरना देने का फैसला किया।

मंगलवार के प्रदर्शन के बाद हुई अहम बैठक

INDIA गठबंधन की बुधवार की बैठक से पहले मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद राहुल गांधी समेत कुछ विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास धरना दिया। यह धरना कई घंटे तक चला और बाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में लिया।

मंगलवार के घटनाक्रम के बाद बुधवार की बैठक को विपक्ष की अगली रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित लंच बैठक में गठबंधन के सांसद शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार बैठक का उद्देश्य विरोध अभियान को आगे बढ़ाने और तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा करना था। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही है।

लंच के बाद जंतर-मंतर जाने का फैसला

लंच बैठक खत्म होने के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि विपक्षी नेता और सांसद मिलकर जंतर-मंतर पर धरना देंगे। इसके बाद INDIA गठबंधन के नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर रुख किया। बुधवार का यह प्रदर्शन मंगलवार की कार्रवाई की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दल चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतें रखने और मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की मांग पर जोर दे रहे हैं।

विपक्ष के अभियान में राहुल गांधी प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। मंगलवार को उन्होंने आकाशवाणी भवन के पास लंबे समय तक धरना दिया था। बुधवार को भी वह विपक्षी नेताओं के साथ आगे की कार्रवाई में शामिल रहे। विपक्ष की रणनीति में सामूहिक प्रदर्शन के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को सार्वजनिक रूप से उठाना शामिल है।

SIR और मतदाता सूची का मुद्दा केंद्र में

विपक्ष के इस पूरे अभियान के केंद्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा है। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता चुनाव आयोग से जवाब और चर्चा की मांग कर रहे हैं।

विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे आरोप राजनीतिक दावे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के संबंध में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों के तहत काम करने की बात कही है। ऐसे में विवाद का एक प्रमुख हिस्सा यह है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया किस तरह संचालित की जाए और राजनीतिक दलों की आपत्तियों का समाधान किस तरीके से हो।

मंगलवार और बुधवार के लगातार घटनाक्रम से राजधानी में चुनाव आयोग से जुड़ा राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। एक तरफ विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा और बैरिकेडिंग कर रही है। मंगलवार को लंबे धरने और नेताओं की हिरासत के बाद बुधवार को लंच बैठक और फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन ने विवाद को एक नए चरण में पहुंचा दिया।

फिलहाल INDIA गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और SIR से जुड़े सवाल उठाने का सिलसिला जारी है। बुधवार की बैठक के बाद जंतर-मंतर पर धरने का फैसला इस अभियान की निरंतरता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच संवाद की स्थिति तथा SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आगे की कार्रवाई इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here