इंदौर भोपाल जबलपुर एक्सप्रेसवे से MP में बनेगा सबसे बड़ा हाईस्पीड कॉरिडोर, देवास-सागर तक 9 जिले चमकेंगे

0
4

भोपाल। इंदौर भोपाल और जबलपुर के बीच बनने वाला 600 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे एमपी की रफ्तार को दोगुना कर देगा. 18000 करोड़ रुपए की लगात से ज्यादा का यह प्रोजेक्ट केवल तीन शहरों को आपस में नहीं जोड़ेगा, बल्कि यह एमपी के लिए कई बड़े मौके लेकर आएगा. इंदौर भोपाल जबलपुर के बीच प्रस्तावित कॉरिडोर के बीच में मध्य प्रदेश की सबसे इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाई जाएगी. जिससे आने वाले समय में 2 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. इसलिए यह प्रोजेक्ट प्रदेश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनेगा. साथ ही तीन बड़े शहरों की दूरी भी महज कुछ घंटों में पूरी हो जाएगी. सरकार की तरफ से यह पूरा प्लान तैयार हो चुका है, कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे पास कर दिया जाएगा.

इस कड़ी में हम जानकारी दे दें कि, इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक एक्सप्रेसवे का एक पूरा कारिडोर तैयार किया जा रहा है. जिसमें भोपाल इंदौर एक्सप्रेसवे की लंबाई 161 किलोमीटर है. जबकि दूसरे भोपाल से जबलपुर के बीच की 255 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे बनेगा. जिसमें तीन बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की तैयारी है. इसमें भोपाल से इंदौर के बीच सीहोर जिले के आष्टा में औद्योगिक पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव बन चुका है. 21000 एकड़ में बनने वाले इस पार्क में कई प्रस्ताव और उद्योग लगाए जाएंगे. वहीं भोपाल से जबलपुर के बीच धर्मपुरा भी एक मल्टी प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा, जिसके लिए 954 एकड़ जमीन तय हुई है. इस पर सरकार 576 करोड़ रुपए खर्च की जाएगी. धर्मपुरा एक ऐसी लोकेशन पर है, जहां से जबलपुर, सिवनी बेहद पास हैं. जबकि नागपुर और भोपाल से भी ज्यादा दूरी नहीं है. इसके अलावा एमपी में 50 हजार स्किल सिटी भी बनेगी. जिसमें कई इसी कॉरिडोर के बीच आएगी. 

वही यह भी बता दें कि, प्रस्तावित हाईस्पीड कॉरिडोर और उससे जुड़ी औद्योगिक परियोजनाओं से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बन सकती हैं। उपलब्ध समाचार विवरण में देवास और सागर सहित नौ जिलों में विकास की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, इन नौ जिलों की पूरी सूची और प्रत्येक जिले में प्रस्तावित सुविधाओं का अलग-अलग विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

फिलहाल इस योजना को मध्य प्रदेश में सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा सकता है। यदि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे, औद्योगिक पार्क और कौशल विकास परियोजनाएं तय योजना के अनुसार लागू होती हैं, तो इससे कारोबार, परिवहन और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, इंदौर-भोपाल-जबलपुर कॉरिडोर की योजना प्रदेश के प्रमुख शहरी और औद्योगिक केंद्रों को बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है। लेकिन इसके वास्तविक परिणाम निर्माण कार्य शुरू होने, परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और उद्योगों में निवेश आने के बाद ही सामने आएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here