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भोपाल (ब्यूरो रिपोर्ट)। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लेकर शिवराज सरकार के बाद अब मोहन यादव सरकार ने भी जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में यूसीसी (UCC) के संबंध में नीति का निर्माण पूरी तरह से जनसामान्य के सुझावों और जनता की आवाज के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति के लिए बेहतर जनभागीदारी को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने शनिवार को जिला कलेक्टर्स की एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) बैठक ली और प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री निवास स्थित ‘समत्व भवन’ में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अनुपम राजन और शिवशेखर शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित थे।
ग्राम स्तर से लेकर बार काउंसिल तक आयोजित होंगे चर्चा सत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जिला कलेक्टर्स को इस गतिविधि को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत (राय) देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
अभियान के तहत जिला स्तर पर होंगी ये गतिविधियां:
- स्कूल और कॉलेज: नगरीय स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों में यूसीसी को लेकर विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
- संगठन और संस्थाएं: सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं और बार काउंसिल आदि में विशेष चर्चा सत्र आयोजित कर प्रबुद्ध जनों और जनसामान्य से राय मांगी जाएगी।
- सरकारी कर्मचारी: शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव देने के लिए कहा गया है।
- ग्रामीण क्षेत्र में विमर्श: ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक और पंचायत सचिव चर्चा को प्रोत्साहित करेंगे। इसके लिए विशेष ग्राम सभाओं की बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं।
- महिला संगठनों की भागीदारी: स्व-सहायता समूहों (SHGs), महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से महिलाओं को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

वेबसाइट पर दे सकते हैं सुझाव; बेहद सरल है प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि समान नागरिक संहिता को लेकर आम जनता से 22 जून तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए सरकार ने एक विशेष वेबसाइट लॉन्च की है, जिस पर कोई भी नागरिक आसानी से अपनी राय दर्ज करा सकता है।
सुझाव देने का तरीका:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ucc.mp.gov.in पर जाएं।
- फॉर्म में केवल अपना नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- वेबसाइट पर पूछे गए कुल 12 प्रश्नों के उत्तर ‘हाँ’ या ‘ना’ में देने हैं।
- इसके बाद मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) से सत्यापित करते ही आपका सुझाव सफलतापूर्वक जमा हो जाएगा।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत? उच्च स्तरीय समिति कर रही है अध्ययन
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, और उत्तराधिकार आदि विषयों से संबंधित अलग-अलग प्रावधान मौजूद हैं। इन सभी का समग्र परीक्षण कर एक मजबूत और न्यायसंगत विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता लंबे समय से अनुभव की जा रही थी।
इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति वर्तमान में विभिन्न जिलों का भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव प्रेषित करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
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