भोपाल | मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने खाद संकट, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और फसल मुआवजे के मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के कृषि मंत्री के मुखौटे पहनकर विधानसभा परिसर में अनोखा विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया।
🌾 ‘खाद के लिए भटक रहा किसान, सरकार बांट रही सिर्फ टोकन’
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान खरीफ सीजन में खाद (यूरिया और डीएपी) के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। किसान घंटों लंबी लाइनों में लगे रहते हैं, लेकिन उन्हें खाद के बजाय सिर्फ टोकन थमा दिए जाते हैं। कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर किसानों के साथ लगातार छलावा करने और खाद की कालाबाजारी रोकने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया।

💰 266 रुपये की खाद की बोरी 500 रुपये में बिक रही: फूल सिंह बरैया
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने खाद संकट और कालाबाजारी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
- यूरिया का हाल: बाजार में 266 रुपये की यूरिया की बोरी किसानों को मजबूरन 500 रुपये में खरीदनी पड़ रही है।
- DAP का हाल: 1,350 रुपये की डीएपी खाद की बोरी 2,000 रुपये तक में कालाबाजारी कर बेची जा रही है।
- कालाबाजारी पर चुप्पी: सरकार और प्रशासन खाद माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने हुए हैं।

📢 विधानसभा परिसर में लगे नारेबाजी के नारे
मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले कांग्रेस विधायक हाथों में तख्तियां और चेहरों पर मुखौटे लगाकर गांधी प्रतिमा के सामने जमा हुए। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि वे मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर किसानों के हक, खाद की किल्लत और एमएसपी की गारंटी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।





