मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी, पन्ना-रीवा समेत 9 जिलों में अलर्ट; 12 अक्टूबर से मौसम साफ होने के आसार

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय चक्रवातीय परिस्थितियों और ट्रफ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले चार दिनों से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अगले तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

पन्ना, सतना, रीवा समेत नौ जिलों में बारिश की संभावना

शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर शामिल हैं। इन जिलों में मौसम की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पिछले चार दिनों से इन क्षेत्रों में आंधी और बारिश का सिलसिला बना हुआ है, इसलिए आने वाले दिनों में भी लोगों को मौसम में होने वाले बदलावों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

पन्ना और सतना से लेकर रीवा, मऊगंज तथा सीधी तक पूर्वी क्षेत्र के कई जिलों में बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसी तरह सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में भी मौसम का असर दिखाई दे सकता है। हालांकि, सभी स्थानों पर बारिश की तीव्रता एक जैसी होगी या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों को बाहर निकलते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। आंधी के दौरान खुले स्थानों पर रहने और पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना उपयोगी हो सकता है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर सावधानी बरतनी चाहिए।

भोपाल और इंदौर में निकलेगी धूप, मौसम रहेगा शुष्क

पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना के विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत पश्चिमी क्षेत्र के कई इलाकों में धूप निकल सकती है। बारिश की गतिविधियां कम रहने से इन क्षेत्रों में दिन के समय तापमान बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

मौसम की यह स्थिति प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाती है। एक ओर पूर्वी जिलों में बादलों और बारिश का प्रभाव बना रह सकता है, तो दूसरी ओर पश्चिमी जिलों में आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। ऐसे में अलग-अलग शहरों में रहने वाले लोगों को अपने क्षेत्र के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार दिन की गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

11 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखेगा मौसमी सिस्टम का असर

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, वर्तमान मौसमी परिस्थितियों का प्रभाव 11 अक्टूबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखाई देने की संभावना है। इस अवधि के दौरान बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त होने के बजाय रुक-रुककर जारी रह सकती हैं। विशेष रूप से 10 और 11 अक्टूबर को भी पूर्वी क्षेत्र के कुछ इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।

इस पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार के बाद भी पूर्वी मध्य प्रदेश के लोगों को तत्काल पूरी तरह साफ मौसम मिलने की संभावना नहीं है। अगले दो दिनों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का असर बना रह सकता है। हालांकि, बारिश किन स्थानों पर कितनी होगी, इस बारे में उपलब्ध जानकारी में विस्तृत जिलेवार मात्रा या तीव्रता का उल्लेख नहीं है।

चक्रवातीय परिस्थितियों और ट्रफ के प्रभाव से मौसम में होने वाले बदलावों के कारण बारिश की गतिविधियां कुछ समय तक बनी रह सकती हैं। इसी वजह से मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है। स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर बारिश का समय और प्रभाव भी अलग-अलग हो सकता है।

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