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मध्य प्रदेश में अप्रैल के जाते-जाते सूरज के तेवर तीखे हो गए हैं। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश तो हुई, लेकिन इसने उमस और गर्मी से राहत देने के बजाय तापमान को और बढ़ा दिया। खजुराहो में पारा पहली बार 45 डिग्री सेल्सियस के लैंडमार्क को छू गया है।
🌡️ प्रमुख शहरों का तापमान: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
प्रदेश के 9 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार निकल चुका है। बड़े शहरों की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
| शहर | तापमान (°C) | रिकॉर्ड की स्थिति |
| खजुराहो | 45.0° | सीजन में पहली बार 45 डिग्री |
| नौगांव | 44.6° | प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म क्षेत्र |
| जबलपुर | 43.5° | पिछले 3 साल का रिकॉर्ड टूटा |
| इंदौर | 43.0° | 6 साल बाद सबसे गर्म अप्रैल |
| भोपाल | 43.0° | 10 साल में तीसरा सबसे गर्म दिन |
🚨 आज का अलर्ट: इन जिलों में ‘लू’ का साया
मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को 13 जिलों में लू (Heat Wave) का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में ‘वॉर्म नाइट’ (गर्म रात) की चेतावनी भी दी गई है।
- लू (Heat Wave): इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा।
- वॉर्म नाइट: इंदौर और उज्जैन (यहां दिन और रात दोनों में चैन नहीं मिलेगा)।
- बारिश/गरज-चमक: श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली।
🌩️ गर्मी के बीच बारिश क्यों?
IMD भोपाल के अनुसार, वर्तमान में दो सिस्टम एक्टिव हैं:
- प्रदेश के मध्य में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।
- एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता अगले तीन दिनों तक रहेगी।यही कारण है कि एक तरफ भीषण गर्मी पड़ रही है, तो दूसरी तरफ रतलाम, सीहोर और इंदौर जैसे इलाकों में अचानक आंधी-बारिश का दौर देखने को मिला।
📜 पिछले 10 सालों का ट्रेंड: ग्वालियर सबसे आगे
ऐतिहासिक रूप से अप्रैल में ग्वालियर सबसे गर्म रहता है। 1958 में यहां पारा 46.2 डिग्री तक जा चुका है। हालांकि, उज्जैन ने पिछले साल (2025) 48.8 डिग्री का ऑल-टाइम रिकॉर्ड बनाकर सबको चौंका दिया था।
🛡️ बचाव की एडवायजरी
बढ़ते पारे को देखते हुए विशेषज्ञों ने सलाह दी है:
- हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी पीएं, भले ही प्यास न लगी हो।
- पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- सावधानी: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप से बचें, खासकर बुजुर्ग और बच्चे।
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