शमशाबाद। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय शमशाबाद में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष जांच शिविर आयोजित किया गया। नवोदय विद्यालय समिति के दिशा-निर्देशों के अनुसार लगाए गए इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आयरन डिफिशिएंसी यानी शरीर में लोह तत्व की कमी की पहचान करना और आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराना था। यह स्वास्थ्य शिविर पोषण माह के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद के सहयोग से आयोजित किया गया।
स्वास्थ्य टीम ने की हीमोग्लोबिन की जांच
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य एमडी मिश्रा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद की टीम कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर राजकुमार के निर्देशन में विद्यालय पहुंची। स्वास्थ्य दल ने विद्यार्थियों के हीमोग्लोबिन की जांच की। जांच के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी प्रदान की गई।
हीमोग्लोबिन शरीर में ऑक्सीजन के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा न होने पर हीमोग्लोबिन का स्तर प्रभावित हो सकता है। बच्चों और किशोर विद्यार्थियों में पोषण संबंधी जागरूकता इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस आयु में शारीरिक विकास के साथ पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि भोजन में पर्याप्त पोषक तत्वों को शामिल करना स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य दल ने आयरन की कमी से बचाव के लिए संतुलित और पोषणयुक्त आहार लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विद्यालय स्टाफ की रही मौजूदगी
स्वास्थ्य जांच शिविर के दौरान विद्यालय की स्टाफ नर्स श्रीमती सुमन कुमारी रोस सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। स्वास्थ्य दल और विद्यालय प्रबंधन के समन्वय से विद्यार्थियों की जांच की प्रक्रिया पूरी की गई।
कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के सहयोग से आयोजित इस शिविर को विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिहाज से उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि विद्यार्थियों का स्वास्थ्य केवल उनके वर्तमान जीवन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण से भी जुड़ा है। शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान देने से बच्चों के समग्र विकास को बेहतर आधार मिल सकता है।





