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नई दिल्ली। दुनिया भर में जारी अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर के बीच भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात कही।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि जैसे-जैसे देश ‘विकसित भारत’ के विजन की ओर बढ़ रहा है, केंद्र और राज्यों की सामूहिक जिम्मेदारी और भी अधिक बढ़ जाती है।
सहयोग और संवाद से बनेगा ‘विकसित भारत’
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच आपसी बातचीत का आधार सहयोग, संवाद और साझा दृष्टिकोण होना चाहिए। इस दिशा में नीति आयोग एक बेहतरीन मंच की भूमिका निभा सकता है, जहाँ राज्य अपने विचारों का आदान-प्रदान कर ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने मुख्य रूप से देश के विकास के लिए 3 बड़े स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही:
- युवा शक्ति (Youth Power): युवाओं के लिए सही इकोसिस्टम तैयार करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिमांड-बेस्ड स्किलिंग (मांग के अनुरूप कौशल विकास) और रोजगार के नए अवसर देना जरूरी है।
- MSME और वैश्विक बाजार: भारत ने कई देशों के साथ मुफ्त व्यापार समझौते (FTAs) किए हैं। यह हमारे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए वैश्विक बाजारों में जगह बनाने, अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाने और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का एक बड़ा मौका है।
- महिला नेतृत्व में विकास (Women-led Development): नारी शक्ति आज खेती और स्टार्टअप से लेकर विज्ञान और नवाचार (Innovation) तक हर क्षेत्र में योगदान दे रही है। राज्यों को महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को प्राथमिकता देनी चाहिए।

इस साल की थीम: “Inclusive Human Development for Viksit Bharat @2047”
इस साल की नीति आयोग की बैठक का मुख्य उद्देश्य हर भारतीय का कल्याण और विकास सुनिश्चित करना है, चाहे उसकी उम्र, क्षेत्र, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।
बैठक में देश भर के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों (Lt. Governors) ने हिस्सा लिया। विकास के इस पूरे खाके को मुख्य रूप से चार मजबूत स्तंभों पर तैयार किया गया है:
| नीति आयोग के 4 मुख्य स्तंभ (Core Pillars) |
| 1. बुनियादी मानव पूंजी और भविष्य के लिए तैयार कौशल (Foundational Human Capital & Future-Ready Skills) |
| 2. उत्पादक रोजगार, उद्यमिता और विकेंद्रीकृत विकास (Employment, Entrepreneurship & Decentralised Growth) |
| 3. स्वास्थ्य, पोषण और समग्र कल्याण (Health, Nutrition & Well-being) |
| 4. सभी के लिए समानता और सम्मान (Equity & Dignity for All) |
ठोस नतीजों पर रहेगा ध्यान
बैठक में केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि इसे धरातल पर उतारने के रोडमैप पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसमें बेहतर गवर्नेंस (शासन), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और मजबूत पार्टनरशिप का उपयोग करके ऐसे परिणाम लाने पर जोर दिया जा रहा है, जिन्हें मापा जा सके और जिनकी जवाबदेही तय हो।





