पटना। बिहार की राजधानी पटना में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले को लेकर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी, जो दानापुर की जिला सब-रजिस्ट्रार हैं, से जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पटना और बेगूसराय में स्थित आवासों पर की गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से संबंधित कई दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
पटना और बेगूसराय में एक साथ तलाशी
आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले की जांच के क्रम में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने संबंधित अधिकारियों से जुड़े आवासों पर तलाशी ली। कार्रवाई का दायरा पटना और बेगूसराय तक रहा। अलग-अलग स्थानों पर टीमों ने घरों में मौजूद दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सामान की जांच की।
तलाशी के दौरान संपत्ति से संबंधित कागजात, वित्तीय दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले गए। ऐसे मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर अधिकारियों की घोषित आय, उनके नाम या परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्ति तथा आय के संभावित स्रोतों से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि संबंधित व्यक्ति की ज्ञात आय के मुकाबले संपत्ति का स्तर किस प्रकार है।
इस कार्रवाई में भी ब्यूरो की टीम ने संपत्ति से जुड़े कागजातों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी।
बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण मिलने की जानकारी
तलाशी अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस टीम द्वारा बरामद सामग्री को दर्ज कर उसका मूल्यांकन किया जा रहा है। नकदी और आभूषण की वास्तविक मात्रा तथा अनुमानित कीमत की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकती है।
आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों में नकदी, आभूषण, जमीन-जायदाद के कागजात, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं। जांच एजेंसी इन सभी रिकॉर्ड को संबंधित अधिकारी की आय और घोषित संपत्ति के साथ मिलाकर देख सकती है।
यदि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों में किसी संपत्ति, निवेश या वित्तीय लेनदेन की जानकारी सामने आती है, तो जांच एजेंसी उसके स्रोत और वैधता का भी सत्यापन कर सकती है।
फिलहाल इस मामले में तलाशी अभियान पूरा होने के बाद मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की विस्तृत जांच की जा रही है। नकदी और आभूषण सहित बरामद सामग्री का सत्यापन तथा संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होगी। मामले में जांच पूरी होने और आधिकारिक रूप से सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित अधिकारियों की संपत्ति और आय के बीच कितना अंतर पाया गया और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।




