सीहोर: बरखेड़ा हसन में जैविक खेती और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन, किसानों को दी टिकाऊ कृषि की जानकारी

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सीहोर। जिले की ग्राम पंचायत बरखेड़ा हसन में जैविक खेती और जैविक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के प्रायोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कृषि में पर्यावरण-अनुकूल तरीकों, जैविक खेती की तकनीकों और जैविक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी देना रहा। कार्यक्रम का आयोजन परिवर्तन सहयोग समिति द्वारा किया गया।

किसानों को जैविक खेती की तकनीकों की जानकारी

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जैविक खेती विशेषज्ञ श्री अशोक मीणा रहे। उन्होंने प्रशिक्षण में किसानों को जैविक खेती से संबंधित विभिन्न तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कृषि में पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और किसानों को जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

जैविक खेती में प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान इसी विषय को केंद्र में रखते हुए किसानों को खेती के दौरान उपलब्ध जैविक संसाधनों के उचित इस्तेमाल और कृषि अपशिष्ट के प्रबंधन से जुड़े पहलुओं से अवगत कराया गया। किसानों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम खेती से संबंधित नई जानकारियां हासिल करने और उन्हें व्यावहारिक स्तर पर समझने का माध्यम बन सकते हैं।

श्री अशोक मीणा ने किसानों को जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कृषि क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों के उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने खेती में प्राकृतिक संसाधनों की भूमिका और उनके बेहतर प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी जानकारी साझा की।

किसानों से प्रशिक्षण की जानकारी खेतों में अपनाने का आह्वान

कार्यक्रम में परिवर्तन सहयोग समिति के अध्यक्ष डॉ. निलेश श्रीवास्तव की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने किसानों को प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी का प्रयोग किसान अपने खेतों में करें और जैविक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दें।

डॉ. निलेश श्रीवास्तव ने किसानों को कृषि में पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाने पर जोर दिया, ताकि किसान अपने खेतों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकें।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर ऋषि कुमार पांडेय संस्था द्वारा सभी कृषकों, विशेषज्ञों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से देवी लाल पूर्व सरपंच, बाबू लाल विश्वकर्मा, हेमराज सिंह लोधी,द्वारका सिंह,कपिल धूत आदि गणमान्य जन उपस्थित रहे

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