नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी की लगातार चुनावी हार और उसके बाद चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर लगाए जाने वाले आरोपों को लेकर सवाल उठाए। राजधानी दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति के लिए दूसरे संस्थानों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपने नेतृत्व और संगठन की भूमिका पर विचार करना चाहिए।
यहां गौरतलब हैं कि, चौहान ने कांग्रेस की चुनावी हार के लिए उसके नेतृत्व को जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि पार्टी के पास स्पष्ट राजनीतिक दिशा का अभाव है और उसका नेतृत्व देश तथा जनता की नब्ज को समझने में सफल नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस का सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना एक नियमित राजनीतिक गतिविधि बन गया है।
गौरतलब हैं कि, चौहान के बयान का मुख्य संदेश यही था कि चुनाव परिणामों के बाद किसी संस्था पर आरोप लगाने से पहले राजनीतिक दलों को अपनी चुनावी तैयारियों, जनता से संवाद और संगठनात्मक व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। हालांकि, उनके इस आरोप के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपलब्ध विवरण में कोई विशिष्ट चुनाव, शिकायत या दस्तावेजी उदाहरण नहीं दिया गया है। इसलिए उनके बयान को भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।





