त्योहार से पहले बढ़े शक्कर के दामों पर शिवराज का जवाब, रायसेन में बोले- ‘चिंता मत करो, सब इंतजाम हो रहा है’

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रायसेन। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले शक्कर के बढ़ते दामों ने आम लोगों के घरेलू बजट की चिंता बढ़ा दी है। चाय से लेकर मिठाइयों और त्योहारों पर बनने वाले कई व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली शक्कर की कीमतों में तेजी के बीच मध्य प्रदेश के रायसेन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया। पत्रकारों के सवाल पर शिवराज सिंह चौहान ने मुस्कुराते हुए कहा, “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो।” इसके बाद वह अपनी कुर्सी से उठकर आगे बढ़ गए।

शिवराज सिंह चौहान उस समय रायसेन के दौरे पर थे। दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा समिति की बैठक में भी शामिल हुए। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में शक्कर के बढ़ते दामों को लेकर सवाल किया गया। इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने सरकार की ओर से इंतजाम किए जाने की बात कही, हालांकि इस संक्षिप्त जवाब में उन्होंने किसी विशेष कदम या बाजार में हस्तक्षेप की विस्तृत जानकारी नहीं दी।

त्योहारों से पहले शक्कर की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

शक्कर की कीमतों में तेजी ऐसे समय में सामने आई जब देश के कई हिस्सों में त्योहारों की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। मध्य प्रदेश में भी रक्षाबंधन सहित आगामी त्योहारों को देखते हुए घरेलू उपभोग और मिठाई कारोबार में शक्कर की मांग महत्वपूर्ण रहती है। भोपाल के बाजारों से संबंधित अगस्त की रिपोर्टों में शक्कर के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक खुदरा बाजार में शक्कर का भाव करीब 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था।

इससे पहले भोपाल के थोक बाजार में भी शक्कर की कीमत में लगातार तेजी की खबरें सामने आई थीं। अगस्त में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार थोक भाव 63 रुपये और खुदरा कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। कारोबारियों ने उस समय बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया था। उनके अनुसार उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन बनने से कीमतों पर असर पड़ सकता है।

मिठाई कारोबार पर भी पड़ सकता है असर

त्योहारी मौसम में शक्कर की कीमत बढ़ने का सीधा असर केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं रहता। मिठाई बनाने वाले कारोबारियों के लिए शक्कर प्रमुख कच्चे माल में शामिल है। इसकी कीमत बढ़ने पर मिठाइयों की उत्पादन लागत भी बढ़ सकती है। अगस्त की बाजार रिपोर्टों में मिठाई कारोबार से जुड़े लोगों ने बताया था कि यदि शक्कर के दाम ऊंचे बने रहते हैं तो मिठाइयों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना रहती है।

त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ने के कारण बाजार में शक्कर की उपलब्धता और कीमत दोनों पर लोगों की नजर रहती है। ऐसे में शक्कर के भाव में अचानक आई तेजी घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और मिठाई कारोबारियों के लिए भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन जाती है।

रायसेन में मीडिया से बातचीत के दौरान जब केंद्रीय मंत्री से शक्कर की महंगाई को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने विस्तार से प्रतिक्रिया देने के बजाय कहा कि “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो।” इसके बाद वह वहां से आगे बढ़ गए। इस जवाब के बाद यह सवाल चर्चा में रहा कि सरकार की ओर से शक्कर की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग में इस मौके पर मंत्री की ओर से किसी विशेष उपाय का विस्तृत ब्यौरा सामने नहीं आया।

कुल मिलाकर, त्योहारों से पहले शक्कर की कीमतों में आई तेजी ने उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा। रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल होने पर उनका संक्षिप्त जवाब था कि “सब इंतजाम हो रहा है जी, चिंता मत करो।” हालांकि उस समय उन्होंने विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं की, लेकिन बाद की बाजार रिपोर्टों में शक्कर की कीमतों में गिरावट की जानकारी सामने आई। अब उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण यह रहेगा कि बाजार में शक्कर की उपलब्धता और कीमतों का संतुलन आगे किस तरह बना रहता है।

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