भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए बड़ा लक्ष्य सामने रखा। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित 11 जिलों के करीब 35 हजार गोपालकों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए समाज की भागीदारी से आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।

2029 तक मध्य प्रदेश को नशामुक्त करने का लक्ष्य
अमित शाह ने अपने संबोधन में मध्य प्रदेश को नशामुक्त बनाने की समयसीमा भी बताई। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक प्रदेश को नशामुक्त करने का लक्ष्य है। नशे की समस्या को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से समय-समय पर जागरूकता अभियान और कार्रवाई की बात कही जाती रही है। शाह के इस ऐलान के बाद प्रदेश में नशामुक्ति अभियान को लेकर सरकार के आगामी प्रयासों पर नजर रहेगी।
नशामुक्ति का लक्ष्य हासिल करने के लिए जागरूकता, रोकथाम और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई जैसे पहलुओं पर काम करने की जरूरत होगी। खासतौर पर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। शाह ने सम्मेलन के मंच से इस लक्ष्य को प्रदेश के सामने रखा।
करीब 35 हजार गोपालकों की मौजूदगी वाले इस सम्मेलन में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई। गोपालकों के लिए पशुओं की देखभाल, चारे की उपलब्धता, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, दूध के उचित मूल्य और बाजार तक पहुंच जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। डेयरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार इन गतिविधियों को बेहतर बनाने में भूमिका निभा सकता है।
मध्य प्रदेश में कृषि के साथ पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में गोशालाओं के लिए 101 करोड़ रुपये की सहायता और उज्जैन में 255 करोड़ रुपये के डेयरी प्लांट का भूमिपूजन सरकार के पशुधन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रमों को सामने लाता है।
वहीं, 31 दिसंबर 2029 तक प्रदेश को नशामुक्त करने का लक्ष्य राज्य के लिए एक अलग सामाजिक अभियान का संकेत देता है। अब इस लक्ष्य को जमीन पर लागू करने के लिए सरकार की कार्ययोजना, विभागों की भूमिका और समाज की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। शनिवार के कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं, गोशालाओं और डेयरी क्षेत्र के साथ नशामुक्ति अभियान को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को एक साथ सामने रखा गया।




