नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग यानी चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के तरीके पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार मिलने के बाद संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है। बीजेपी प्रवक्ता ने विपक्ष पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर भ्रम फैलाने और ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों के जरिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस उस समय और तेज हुई जब विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से संबंधित विभिन्न मुद्दे उठाए। विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया गया। इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए उन पर निशाना साधा है।
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी दल हार की बौखलाहट में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को भी भ्रामक प्रचार बताया। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का दावा करने से पहले उसके समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए।
चुनाव आयुक्तों के बीच चर्चा को लेकर क्या बोले संबित पात्रा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने चुनाव आयोग की ओर से जारी हालिया नोट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस नोट से यह स्पष्ट होता है कि आयोग के भीतर सभी चुनाव आयुक्तों के बीच आधिकारिक विचार-विमर्श और चर्चा होती है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग के फैसलों से पहले संबंधित चुनाव आयुक्तों के बीच विचार-विमर्श की प्रक्रिया होती है और अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
पात्रा ने इसी आधार पर विपक्ष के उन सवालों को खारिज करने की कोशिश की, जिनमें चुनाव आयोग की आंतरिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर संदेह व्यक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि आयोग के हालिया स्पष्टीकरण से यह सामने आता है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में आधिकारिक चर्चा और विचार-विमर्श मौजूद है।
फिलहाल संबित पात्रा के बयान ने चुनाव आयोग को लेकर चल रही राजनीतिक बहस में बीजेपी का रुख स्पष्ट कर दिया है। बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके आधिकारिक स्पष्टीकरण का हवाला दे रही है। वहीं विपक्ष की ओर से उठाए गए चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवाल राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की ओर से सामने आने वाली अतिरिक्त जानकारी और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं बहस की दिशा तय कर सकती हैं।




