बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतगणना शुरू हो गई है। चारों राज्यों में हो रहे इस चुनाव के नतीजों पर राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और समर्थकों की नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन के बीच मुकाबले को लेकर खास चर्चा है। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं, जिनका प्रतिनिधित्व विधान परिषद में होता है। मतगणना के साथ ही अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों से परिणामों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
चुनाव से जुड़ी शुरुआती खबरों में बिहार में अनंत सिंह के घर गुलाब जामुन बांटे जाने का भी उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि मिठाई किस उम्मीदवार की जीत या किस आधिकारिक परिणाम के बाद बांटी जा रही है। इसलिए इस घटनाक्रम को किसी खास सीट के नतीजे से जोड़ने से पहले आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
चार राज्यों की 28 सीटों पर चुनावी नतीजों का इंतजार
विधान परिषद चुनाव की मतगणना बिहार की आठ, उत्तर प्रदेश की 11, कर्नाटक की चार और महाराष्ट्र की पांच सीटों पर हो रही है। इस तरह चारों राज्यों की कुल 28 सीटों के परिणाम सामने आने हैं। सीटों के बंटवारे से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 11 सीटों पर मतगणना हो रही है, जबकि बिहार में आठ सीटों के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे।
विधान परिषद चुनावों का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि इनके परिणाम संबंधित राज्यों में राजनीतिक दलों की स्थिति, उम्मीदवारों के प्रदर्शन और शिक्षक एवं स्नातक वर्ग के मतदाताओं के रुझान की जानकारी देते हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव का स्वरूप सामान्य विधानसभा चुनावों से अलग होता है। यहां मतदाता वर्ग के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का निर्धारण किया जाता है।
मतगणना के दौरान प्रत्येक सीट पर उम्मीदवारों के मतों की गणना की जाती है। अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही किसी प्रत्याशी की जीत और हार को आधिकारिक रूप से निश्चित माना जा सकता है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में चारों राज्यों की सभी सीटों के विजेताओं और उम्मीदवारवार मतों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
बिहार की आठ सीटों पर मुकाबला
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतगणना हो रही है। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक सीटों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटें हैं।
बिहार की इन सीटों पर परिणाम राजनीतिक दृष्टि से अहम माने जा रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र स्नातक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले शिक्षक मतदाता मतदान करते हैं। इस कारण दोनों प्रकार की सीटों पर मतदाताओं की प्राथमिकताएं और चुनावी मुद्दे अलग-अलग हो सकते हैं।
इन चुनावों के परिणामों से यह समझने में मदद मिलेगी कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों को कितना समर्थन मिला है। राजनीतिक दलों के लिए भी यह चुनाव अपने संगठन, उम्मीदवारों और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क के प्रदर्शन का आकलन करने का अवसर है।
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर मतगणना
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना हो रही है। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। सीटों की संख्या के लिहाज से चारों राज्यों में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सीटों पर परिणाम आने हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ डिवीजन ग्रेजुएट्स, वाराणसी डिवीजन ग्रेजुएट्स, आगरा डिवीजन ग्रेजुएट्स, मेरठ डिवीजन ग्रेजुएट्स और इलाहाबाद-झांसी डिवीजन ग्रेजुएट्स सीटें शामिल हैं।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ डिवीजन टीचर्स, वाराणसी डिवीजन टीचर्स, आगरा डिवीजन टीचर्स, मेरठ डिवीजन टीचर्स, बरेली-मुरादाबाद डिवीजन टीचर्स और गोरखपुर-फैजाबाद डिवीजन टीचर्स सीटों पर मतगणना हो रही है।
उत्तर प्रदेश में इन सीटों के नतीजे इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां स्नातक और शिक्षक वर्ग के प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित हैं। इन सीटों पर उम्मीदवारों का प्रदर्शन संबंधित वर्ग के मतदाताओं के समर्थन को दर्शाएगा।
NDA और महागठबंधन के मुकाबले पर नजर
चार राज्यों में हो रहे इन चुनावों को लेकर NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबले की चर्चा है। राजनीतिक दलों के लिए ऐसे चुनाव अपने समर्थक वर्गों के बीच प्रभाव का आकलन करने का अवसर देते हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए सभी सीटों के परिणामों को एक ही राजनीतिक निष्कर्ष से जोड़ना उचित नहीं होगा।
इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं की भूमिका विशेष है। निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार पात्र मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस उम्मीदवार को कितना समर्थन मिला और किन सीटों पर किसका प्रदर्शन बेहतर रहा।
आधिकारिक परिणामों का इंतजार
चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर शुरू हुई मतगणना के परिणाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। बिहार की आठ, उत्तर प्रदेश की 11, कर्नाटक की चार और महाराष्ट्र की पांच सीटों पर मतों की गणना की जा रही है। इनमें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी चुनावी क्षेत्रों और सीटों की संख्या का विवरण देती है, लेकिन सभी सीटों के विजेताओं, उम्मीदवारों के मतों और अंतिम परिणामों की पुष्टि नहीं करती। ऐसे में किसी पार्टी या उम्मीदवार की जीत का दावा आधिकारिक घोषणा के बाद ही किया जाना चाहिए।
मतगणना पूरी होने और परिणाम घोषित होने के बाद चारों राज्यों में सीटवार स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। तब यह आकलन किया जा सकेगा कि किन उम्मीदवारों को सफलता मिली और NDA तथा महागठबंधन के बीच मुकाबले का अंतिम परिणाम क्या रहा।






