दोराहा। क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश ने सोयाबीन की कटाई के इंतजार में बैठे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आधे घंटे की बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ने से पककर तैयार हो रही फसल की कटाई प्रभावित होने की आशंका है। कई खेतों में सोयाबीन की फसल पकने की स्थिति में पहुंच चुकी है, लेकिन बारिश और तेज हवा के कारण कुछ स्थानों पर फसल आड़ी हो गई है। ऐसे में किसानों के सामने अब फसल को समय पर सुरक्षित तरीके से खेत से निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बारिश और तेज हवा से आड़ी हुई फसल
क्षेत्र के कई खेतों में सोयाबीन की फसल पककर तैयार होने लगी है। कुछ किसानों ने कटाई का काम शुरू करने की तैयारी भी कर ली थी। इसी बीच हुई बारिश और तेज हवा से कुछ खेतों में सोयाबीन के पौधे आड़े हो गए। फसल के इस तरह जमीन की ओर झुक जाने से कटाई के दौरान मशीनों के संचालन में अतिरिक्त परेशानी आ सकती है।
किसानों का कहना है कि यदि मौसम साफ रहता है तो पक चुकी सोयाबीन की फसल की कटाई समय पर की जा सकती है। लेकिन बारिश का सिलसिला जारी रहने पर खेतों में नमी और बढ़ सकती है। इससे कटाई के लिए मशीनों के पहुंचने में परेशानी होगी और किसानों को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ सकता है।
खेतों में बढ़ी नमी, हार्वेस्टर चलाना मुश्किल
सोयाबीन की कटाई के लिए इन दिनों हार्वेस्टर सहित विभिन्न कृषि मशीनों का उपयोग किया जाता है। खेतों में पर्याप्त नमी होने पर भारी मशीनों के संचालन में समस्या आती है। गीली जमीन में मशीन के पहिए धंसने का खतरा रहता है और खेत में मशीन को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना भी कठिन हो सकता है।
बारिश के बाद खेतों की मिट्टी में नमी बढ़ने से कटाई का काम प्रभावित होने की आशंका किसानों ने जताई है। यदि खेत जल्द सूखते नहीं हैं तो हार्वेस्टर संचालकों को भी मशीन खेत में ले जाने में परेशानी हो सकती है। इससे कटाई का समय आगे खिसक सकता है और तैयार फसल को खेत में अधिक समय तक रखना पड़ सकता है।




