नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को दिखाई दी तेज रफ्तार के बाद बुधवार के कारोबार पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। पिछले कारोबारी दिन बाजार में मजबूत खरीदारी देखने को मिली थी और कई प्रमुख शेयरों में तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। हालांकि, बुधवार के लिए वैश्विक बाजारों से मिले संकेत कुछ चिंता बढ़ाने वाले हैं। खास तौर पर एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय बाजार की शुरुआती धारणा पर पड़ सकता है।

मंगलवार को बाजार में लौटी थी जोरदार तेजी
मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी सकारात्मक रहा। दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा और कई बड़े शेयरों में मजबूत उछाल देखने को मिला। इस तेजी के चलते निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 3.61 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। बाजार में लंबे समय के बाद दिखाई दी इस मजबूती ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया था।
मंगलवार के कारोबार में बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी के कुछ शेयर विशेष रूप से चर्चा में रहे। इनमें Trent के शेयर में करीब 12.78 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Kotak Bank के शेयर में लगभग 3.59 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। HUL यानी Hindustan Unilever समेत अन्य बड़े शेयरों में भी कारोबार के दौरान गतिविधियां तेज रहीं।
इन प्रमुख शेयरों में आई तेजी ने बाजार के प्रमुख सूचकांकों को सहारा दिया। हालांकि, किसी एक कारोबारी सत्र में आई तेजी को बाजार की स्थायी दिशा मानना उचित नहीं होता। अगले सत्र में वैश्विक संकेत, निवेशकों की खरीदारी और बिकवाली की रणनीति बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है।
सेंसेक्स-निफ्टी के लिए आज क्यों अहम है कारोबार?
भारतीय शेयर बाजार के दो प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी बुधवार के कारोबार में निवेशकों के फोकस में रहेंगे। मंगलवार की तेजी के बाद बाजार की अगली दिशा इस बात पर निर्भर कर सकती है कि घरेलू निवेशक विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।
अगर वैश्विक बाजारों की कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर पड़ता है, तो शुरुआती कारोबार में दबाव देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, अगर घरेलू खरीदारी मजबूत रहती है और निवेशक प्रमुख शेयरों में भरोसा बनाए रखते हैं, तो विदेशी संकेतों का असर सीमित भी रह सकता है।
बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर बाजार की पूरी दिशा तय नहीं की जा सकती। शेयर बाजार में कंपनी के प्रदर्शन, वैल्यूएशन, आर्थिक परिस्थितियों, वैश्विक घटनाक्रम और निवेश प्रवाह जैसे कई कारक एक साथ काम करते हैं।
कुल मिलाकर, बुधवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। एक तरफ मंगलवार की मजबूत तेजी ने घरेलू बाजार को सकारात्मक आधार दिया है, वहीं जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई बाजारों से आने वाले कमजोर संकेत दबाव की आशंका बढ़ा रहे हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सेंसेक्स और निफ्टी वैश्विक कमजोरी के बीच किस तरह कारोबार करते हैं और क्या घरेलू खरीदारी विदेशी बाजारों के नकारात्मक संकेतों को संतुलित कर पाती है।




