नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिल गए हैं। मंगलवार, 6 अक्टूबर को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह ने ईश्वर के नाम पर पद की शपथ ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश यानी CJI सूर्य कांत ने तीनों नवनियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। इसके साथ ही देश की सर्वोच्च अदालत में इन तीनों न्यायाधीशों की नई जिम्मेदारी की औपचारिक शुरुआत हो गई।

शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की मौजूदगी भी इस अवसर के महत्व को दर्शाती है। अटॉर्नी जनरल केंद्र सरकार के प्रमुख कानूनी सलाहकार होते हैं, जबकि सॉलिसिटर जनरल भी केंद्र सरकार की ओर से महत्वपूर्ण मामलों में अदालतों के समक्ष पैरवी करते हैं। इनके साथ वरिष्ठ वकीलों और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की उपस्थिति ने समारोह में न्यायपालिका और कानूनी बिरादरी की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की।
तीनों नए न्यायाधीशों के सुप्रीम कोर्ट में शामिल होने से सर्वोच्च अदालत की न्यायिक व्यवस्था में नए अनुभव और विशेषज्ञता का जुड़ाव हुआ है। हाई कोर्ट में वर्षों तक न्यायिक जिम्मेदारी निभाने के बाद अब उनके सामने राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई और निर्णय देने की जिम्मेदारी होगी। शपथ ग्रहण के साथ उनकी सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।




