अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln से जुड़ी एक नई जानकारी ने लंबी सैन्य तैनाती के दौरान सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य और जहाज पर जीवन की परिस्थितियों को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ ने एक पत्र में बताया है कि Lincoln carrier strike group की तैनाती शुरू होने के बाद से समूह से जुड़े सैन्यकर्मियों के बीच आत्महत्या की आठ कोशिशें हुईं। यह जानकारी डेमोक्रेटिक सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड के सवालों के जवाब में सामने आई है।
286 दिन तक समुद्र में रही तैनाती
USS Abraham Lincoln की तैनाती की सबसे उल्लेखनीय बात इसकी लंबी अवधि रही। रिपोर्टों के मुताबिक पोत का दल करीब 286 दिनों तक समुद्र में रहा और लंबे समय तक किसी बंदरगाह पर ठहराव नहीं हुआ। यह अवधि सामान्य सैन्य तैनाती की तुलना में काफी लंबी रही और इस दौरान स्ट्राइक ग्रुप ने मध्य पूर्व में उच्च स्तर के सैन्य अभियानों में भाग लिया।
रिपोर्टों के अनुसार, जहाज को पहले मई में अपनी तैनाती समाप्त करनी थी, लेकिन मध्य पूर्व में जारी सैन्य परिस्थितियों के कारण उसकी तैनाती आगे बढ़ गई। बाद में USS Abraham Lincoln को क्षेत्र से हटाया गया और उसकी जगह USS George Washington ने जिम्मेदारी संभाली। सितंबर की शुरुआत में Lincoln का दल थाईलैंड पहुंचा और बाद में जहाज अमेरिका स्थित अपने होम पोर्ट सैन डिएगो की दिशा में आगे बढ़ा।
जहाज पर सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों के अलावा जहाज पर जीवन की परिस्थितियों को लेकर भी पहले से सवाल उठते रहे थे। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में भोजन, आपूर्ति और जहाज की कुछ बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया गया था।
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, जहाज पर प्लंबिंग से जुड़ी परेशानियों, गर्म पानी और कुछ जरूरी सामान की उपलब्धता को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। कुछ रिपोर्टों में भोजन के विकल्प सीमित किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि नौसेना ने कहा कि चार पोषण-संतुलित भोजन प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे थे और कुछ बदलाव लंबे समय तक समुद्र में तैनाती को ध्यान में रखते हुए किए गए थे।
कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ के जवाब में कुछ आपूर्ति की पुनःपूर्ति में देरी की बात स्वीकार की गई, लेकिन नौसेना ने जहाज पर मौजूद मानसिक स्वास्थ्य और सहायता सेवाओं का भी उल्लेख किया।
आठ आत्महत्या की कोशिशों का यह खुलासा अमेरिकी नौसेना में लंबे सैन्य अभियानों के दौरान सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य, रहने की परिस्थितियों और सहायता व्यवस्था पर नए सवाल खड़े करता है। वहीं नौसेना का कहना है कि सैन्यकर्मियों के लिए चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध थी और उनकी सुरक्षा तथा कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। आगे की चर्चा में इन दोनों पहलुओं—लंबी तैनाती से जुड़ी चुनौतियों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था—को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा।




