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अशोकनगर। ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और बड़े कॉर्पोरेट्स के कथित अनुचित व्यापारिक तरीकों के विरोध में बुधवार को अशोकनगर जिले के दवा व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं। जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर हुए इस एक दिवसीय बंद के कारण जिलेभर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। इस आंदोलन के तहत शहर की 180 और जिले की कुल 297 मेडिकल दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
सड़कों पर उतरे दवा व्यापारी, निकाली विशाल रैली
बुधवार दोपहर को बड़ी संख्या में केमिस्ट और दवा व्यापारी शहर में एकत्रित हुए। व्यापारियों ने ऑनलाइन ई-फार्मेसी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक विशाल रैली निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां देश के लाखों केमिस्ट्स और वितरकों का प्रतिनिधित्व करने वाले राष्ट्रीय संगठन ‘ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ से संबद्ध स्थानीय पदाधिकारियों ने तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
छोटे मेडिकल संचालकों के अस्तित्व पर संकट
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन ई-फार्मेसी के अनियंत्रित संचालन और बड़े कॉर्पोरेट्स द्वारा दी जा रही भारी छूट (प्रिडेटोरी प्राइसिंग) के कारण छोटे और मध्यम मेडिकल संचालकों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का आरोप है कि:
- कॉर्पोरेट्स की इन नीतियों से देश के करीब 4 से 5 करोड़ लोगों की आजीविका सीधे प्रभावित हो रही है।
- भारी छूट देकर बाजार में निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को बिगाड़ा जा रहा है।
जनस्वास्थ्य को लेकर बड़ी चेतावनी: बिना पर्चे के बिक रही दवाइयां
सौंपे गए ज्ञापन में दवा व्यापारियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से जनस्वास्थ्य को होने वाले गंभीर खतरों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। केमिस्टों के अनुसार:
- ऑनलाइन माध्यमों पर बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के दवाएं बेची जा रही हैं।
- एंटीबायोटिक्स और आदत बनाने वाली (नशीली) दवाओं की आसान उपलब्धता से युवाओं में लत बढ़ रही है।
- नकली पर्चों का उपयोग और दवाओं के अनुचित भंडारण से मरीजों की जान को खतरा है, जिससे देश में एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) बढ़ने की आशंका है।
केंद्र सरकार की इन अधिसूचनाओं को वापस लेने की मांग
केमिस्ट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कोविड काल के दौरान जारी की गई दो प्रमुख अधिसूचनाओं को तुरंत वापस लिया जाए, क्योंकि अब उनका दुरुपयोग हो रहा है:
- अधिसूचना GSR 817(E) (दिनांक 28 अगस्त 2018)
- अधिसूचना GSR 220(E) (दिनांक 26 मार्च 2020)
एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और केंद्र सरकार से मांग की है कि लाखों केमिस्ट्स की आजीविका बचाने और देश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन ई-फार्मेसी पर सख्त कानूनी रोक लगाई जाए।
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