drnewsindai.com/अहमदपुर। शनिवार शाम अहमदपुर क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की उमस और भीषण गर्मी के बाद तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया। जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं तेज हवाओं और ओलों के कारण किसानों, मकान मालिकों और बिजली विभाग को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
दिनभर उमस के बाद बदला मौसम
शनिवार सुबह से ही वातावरण में नमी अधिक होने के कारण लोग उमस से परेशान रहे। पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे थे। दोपहर तक तेज धूप और गर्मी के चलते बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। शाम करीब पांच बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।

बरखेड़ा हसन और आसपास के गांवों में गिरे ओले
बरखेड़ा हसन, अहमदपुर तथा आसपास के गांवों में बारिश के साथ चने के आकार के ओले भी गिरे। कई मिनट तक हुई ओलावृष्टि से खेतों में रखी फसलें प्रभावित हुईं। ग्रामीणों के अनुसार तेज हवाओं और ओलों के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टीनशेड भी क्षतिग्रस्त हुए।

किसानों की मूंग और प्याज की फसल को नुकसान
अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने मूंग और प्याज की फसल खेतों में खुली रखी थी, उनकी उपज भीग गई। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के बाद तैयार माल को सुरक्षित रखने का समय नहीं मिल पाया, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

बिजली के पोल और डीपी गिरे
तेज आंधी के चलते अहमदपुर-दोराहा रोड पर 33 केबी विद्युत पोल एक विद्युत ट्रांसफार्मर और पोल जमीन पर गिर गए। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। क्षेत्र में बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और खेतों में गिर गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ।

तेज हवाओं में उड़ा मकान का टीनशेड
श्यामपुर-कुरावर रोड स्थित पवन अशोक मालवीय के मकान का टीनशेड तेज हवाओं के कारण उड़ गया। घटना के समय पवन मालवीय और उनके परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। खतरे को देखते हुए सभी लोग समय रहते घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। उड़कर गया टीनशेड पास स्थित विद्युत ट्रांसफार्मर से टकरा गया, जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

प्रशासन से राहत और सर्वे की मांग

क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द राहत प्रदान की जाए।




