IMA POP 2026: देहरादून में रचा गया इतिहास! पहली बार महिला कैडेट्स ने थामी कमान, राष्ट्रपति मुर्मु ने ली सलामी

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देहरादून: उत्तराखंड की हसीन वादियों के बीच स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) का चेटवुड हॉल आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व पल का गवाह बना। देश को दुश्मनों से महफूज रखने के लिए भारतीय सेना के बेड़े में आज सैकड़ों नए जांबाज अफसर शामिल हो गए हैं। लेकिन इस साल की पासिंग आउट परेड (POP) हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है।

इस बार देश की ‘नारी शक्ति’ ने भी आईएमए के ड्रिल स्क्वायर पर अपनी फौलादी कदमताल से दुनिया को चौंका दिया।

👩‍✈️ ‘नारी शक्ति’ का शंखनाद: पहली बार शामिल हुईं महिला कैडेट्स

आईएमए के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब महिला कैडेट्स ने मुख्य पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनकर अंतिम पग पार किया।

  • कदम से कदम मिलाकर चलीं बेटियां: पुरुष कैडेट्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर महिला कैडेट्स की कड़क ड्रिल और बुलंद आवाज ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए।
  • समानता का नया अध्याय: रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के तहत इसे भारतीय सेना का अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

🏛️ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया परेड का निरीक्षण

देश की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर (Supreme Commander) और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस भव्य समारोह की मुख्य अतिथि और समीक्षा अधिकारी (Reviewing Officer) के रूप में मौजूद रहीं:

शानदार कदमताल और जज्बा राष्ट्रपति मुर्मु ने खुली जिप्सी में सवार होकर देश के इन भावी सैन्य कमांडरों की परेड का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कैडेट्स के शानदार टर्नआउट और अनुशासन की जमकर सराहना की। इस दौरान जांबाज कैडेट्स के माता-पिता की आंखों में गर्व के आंसू साफ देखे जा सकते थे।

🔢 परेड के मुख्य आकर्षण और आंकड़े

  • 500 से अधिक कैडेट्स: इस भव्य पासिंग आउट परेड में 500 से अधिक पुरुष और महिला कैडेट्स ने भाग लिया और अपने कठिन प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया।
  • अंतिम पग का रोमांच: जैसे ही कैडेट्स ने चेटवुड हॉल के ऐतिहासिक ‘अंतिम पग’ पर कदम रखा, आसमान भारतीय सेना के जयघोष और ‘पीपली साहब’ की धुन से गूंज उठा।
  • मित्र देशों के कैडेट्स: भारत के साथ-साथ कई मित्र देशों (Friendly Foreign Countries) के कैडेट्स भी आज यहां से सैन्य अधिकारी बनकर पास आउट हुए।

संपादकीय टिप्पणी: आज आईएमए से पास आउट होने वाले ये नए सैन्य अधिकारी न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करेंगे, बल्कि महिला कैडेट्स की यह पहली खेप आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बनेगी।

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