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क्राइम डेस्क (19 जुलाई 2026): सीहोर जिले की आष्टा थाना पुलिस ने तत्परता और बेहतरीन तकनीकी अनुसंधान का परिचय देते हुए पिछले तीन महीने से गुमशुदा एक नाबालिग बालिका को पड़ोसी जिले देवास से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है, जिससे पीड़ित परिवार में खुशी का माहौल है।
इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने आरोपी संदेही के चंगुल से बालिका को छुड़ाया है और प्रकरण में आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
📌 आष्टा पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- ⏳ 3 महीने की तलाश: दिनाँक 24 अप्रैल 2026 से लापता थी नाबालिग बालिका।
- 📍 बरामदगी का स्थान: तकनीकी साक्ष्यों की मदद से देवास (Dewas) से किया गया दस्तयाब।
- 🚨 संदेही हुआ था फरार: पुलिस से बचने के लिए आरोपी बालिका को लेकर अपने स्थानीय पते से भाग गया था।
- 🤝 परिजनों को सुपुर्द: सुरक्षित रेस्क्यू के बाद आष्टा पुलिस ने बेटी को माता-पिता को सौंपा।

📜 घटनाक्रम: अप्रैल महीने से गायब थी मासूम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आष्टा थाना क्षेत्र से 24 अप्रैल 2026 को एक नाबालिग बालिका के अचानक लापता होने की रिपोर्ट परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी:
तत्काल दर्ज हुई थी FIR: मामले की संवेदनशीलता और बालिका के नाबालिग होने के कारण आष्टा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तत्काल संबंधित धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना और तलाश प्रारंभ कर दी थी।
🔍 साइबर सेल और मुखबिर तंत्र से मिला सुराग, ऐसे बिछाया जाल
संदेही आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए अपना ठिकाना लगातार बदल रहा था और अपने मूल निवास से फरार हो चुका था। ऐसे में पुलिस ने जाल बिछाया:
- गोपनीय टीम का गठन: सीहोर पुलिस अधीक्षक (SP) श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के कड़े निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्रीमती सुनीता रावत एवं एसडीओपी आष्टा श्री दामोदर गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया।
- लोकेशन हुई ट्रेस: आष्टा पुलिस की टीम ने हार नहीं मानी। जिला साइबर सेल सीहोर की मदद से तकनीकी साक्ष्य (कॉल डिटेल्स व लोकेशन) जुटाए गए और मुखबिरों को सक्रिय किया गया। सटीक इनपुट मिलते ही पुलिस टीम ने देवास में दबिश देकर बालिका को बरामद कर लिया।

🎖️ इन जाबांज पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
तीन महीने पुराने इस संवेदनशील मामले को सुलझाने और बेटी को सुरक्षित घर वापस लाने में आष्टा पुलिस के इन अधिकारियों और जवानों ने दिन-रात एक कर दिया:
- सहा. उप निरीक्षक (ASI): मनोज गोस्वामी
- आरक्षक: आर. अमन, आर. प्रवीण
- महिला आरक्षक: म.आर. कृष्णा
- विशेष सहयोग: साइबर सेल सीहोर (Cyber Cell Sehore)




