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Forest & Administration Desk (18 July 2026): सीहोर जिले के आष्टा वन परिक्षेत्र से इस वक्त की एक बहुत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ रही है। शनिवार को वन विभाग की टीम ने गोविंदपुरा और पीथपुरा बीट में एक साथ दबिश देते हुए 20 एकड़ से अधिक की सरकारी वन भूमि को भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के चंगुल से पूरी तरह मुक्त करा लिया है।
वर्षा ऋतु के बीच जेसीबी (JCB) की मदद से की गई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान न सिर्फ अवैध कब्जे ढहाए गए, बल्कि पर्यावरण संतुलन और जल संवर्धन को लेकर भी कई महत्वपूर्ण जमीनी कार्य किए गए।
📌 इस बड़ी कार्रवाई के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- 🚜 जेसीबी से एक्शन: गोविंदपुरा और पीथपुरा बीट में भारी पुलिस और वन अमले की मौजूदगी में हटाया गया अवैध कब्जा।
- 🌊 जल संरक्षण की अनूठी पहल: अतिक्रमण मुक्त कराई गई 20 एकड़ जमीन पर तुरंत परकॉलेशन पिट और सीपीटी (कंटूर ट्रेंच) का निर्माण कराया गया।
- 🦌 वन्य प्राणियों को तोहफा: रेंजर नवनीत झा की पहल पर जंगली जानवरों के लिए छोटे-छोटे रिचार्ज पिट तैयार किए गए, ताकि गर्मी और बारिश में उन्हें पीने का पानी मिल सके।
- 💯 अब तक का रिकॉर्ड: आष्टा वन परिक्षेत्र में पिछले एक महीने के भीतर अब तक 100 एकड़ से अधिक की वन भूमि को अतिक्रमण से आजाद कराया जा चुका है।

🔨 कब्जा हटते ही खोदे गए ट्रेंच, दोबारा अतिक्रमण करना होगा नामुमकिन
वन विभाग ने इस बार भू-माफियाओं को दोबारा पैर पसारने का मौका न देने के लिए एक बेहतरीन रणनीति अपनाई है:
दोहरा फायदा: परिक्षेत्र अधिकारी और रेंजर नवनीत झा के नेतृत्व में जैसे ही जेसीबी ने अतिक्रमण हटाया, वैसे ही खाली हुई जमीन पर कंटूर ट्रेंच (CPT) और परकॉलेशन पिट तैयार कर दिए गए। इससे दो बड़े फायदे होंगे— पहला, जमीन ऊबड़-खाबड़ होने के कारण इस पर दोबारा कोई ट्रैक्टर नहीं चला पाएगा और दूसरा, बारिश का पानी इन गड्ढों में रुकने से क्षेत्र का भूजल स्तर (Groundwater Level) तेजी से ऊपर आएगा।
🦌 बेजुबानों के लिए बनाए गए वाटर रिचार्ज पिट
आष्टा रेंजर नवनीत झा ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा और उनके पेयजल प्रबंधन को लेकर भी संवेदनशीलता दिखाई है:
- पानी का संकट होगा दूर: जंगलों में पानी की कमी के कारण अक्सर वन्य प्राणी रिहायशी इलाकों की तरफ रुख करते हैं। इसे रोकने के लिए वन भूमि पर विशेष रिचार्ज पिट बनाए गए हैं। मानसून के दौरान इनमें पानी जमा होगा, जिससे वन्य जीवों को जंगल के भीतर ही बारहमासी पानी उपलब्ध हो सकेगा।

🌱 100 एकड़ का आंकड़ा पार, अब होगी बंपर प्लांटेशन की तैयारी
कार्रवाई के दौरान आष्टा वन परिक्षेत्र का पूरा अमला मुस्तैद रहा। रेंजर नवनीत झा ने मीडिया को बताया कि विभाग का यह विशेष अभियान पिछले एक महीने से लगातार जारी है। अब तक 100 एकड़ से ज्यादा जमीन खाली कराई जा चुकी है।
- आगे का प्लान: खाली कराई गई इस पूरी 100 एकड़ भूमि पर इसी मानसून सीजन में सघन पौधरोपण (Plantation) किया जाएगा। नए अतिक्रमण को रोकने के लिए वन रक्षकों की विशेष टीमें बीट स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं।




