इंदौर में भारी आक्रोश: 11 साल की बच्ची से दरिंदगी के मामले में चक्काजाम; परिजनों का आरोप- पुलिस ने छिपाई सच्चाई, नहीं की सही कार्रवाई!

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drnewsindia.com / इंदौर /। मध्य प्रदेश के इंदौर में शुक्रवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने गोम्मटगिरि चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। गांधीनगर थाना क्षेत्र में 11 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई घटना के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए लोगों ने थाने का घेराव भी किया। परिजनों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

## मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • गोम्मटगिरि चौराहे पर चक्काजाम: घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और परिजनों ने शुक्रवार रात सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया।
  • गंभीर धाराओं की मांग: परिजनों का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है, लेकिन पुलिस ने केवल छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज किया।
  • थाने का घेराव: आक्रोशित भीड़ ने गांधीनगर थाने को घेरकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
  • सामाजिक संगठनों का समर्थन: बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार भी मौके पर पहुंचे और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

## क्या है पूरा मामला?

गांधीनगर एसीपी निधि सक्सेना के मुताबिक, गुरुवार को 11 वर्षीय बच्ची ने थाने में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए क्षेत्र के ही एक अधेड़ व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का कहना है कि शुरुआती शिकायत में बच्ची ने केवल छेड़छाड़ की बात कही थी, जिसके बाद पॉक्सो (POCSO) एक्ट और छेड़छाड़ की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

परिजनों और प्रदर्शनकारियों के गंभीर आरोप: शुक्रवार रात को मामला उस समय गरमा गया जब परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले में मेडिकल परीक्षण कराने में ढिलाई बरती और घटना में शामिल अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

## ‘आरोपियों का जुलूस निकाला जाए और मिले फांसी की सजा’

प्रदर्शन के दौरान पहुंचे बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने पुलिसिया कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने मांग की है कि:

  1. मामले में तुरंत दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाई जाएं।
  2. वारदात में शामिल अन्य सह-आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
  3. समाज में डर पैदा करने के लिए आरोपियों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला जाए और उन्हें फांसी की सजा दिलाई जाए।

## पुलिस प्रशासन का क्या है कहना?

इस पूरे विवाद और आक्रोश पर गांधीनगर थाना प्रभारी (TI) अनिल यादव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि बच्ची का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है। उन्होंने कहा:

“मामले की गहन जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट के आधार पर केस में आगे की धाराएं बढ़ाई जाएंगी। फिलहाल एक आरोपी हमारी गिरफ्त में है और पूछताछ जारी है। जांच के दौरान यदि किसी भी अन्य व्यक्ति का नाम सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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