इंदौर में ₹200 का नकली नोट चलाने पहुंचा था युवक, होटल वाले ने पकड़ा; घर पर छापा मारा तो मिली नोट छापने की मशीन!

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drnewsindia.com

इंदौर: आर्थिक राजधानी इंदौर में नकली नोट खपाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब एक युवक रेस्टोरेंट में महज ₹200 का नकली नोट चलाने पहुंचा था, लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सूझबूझ और सतर्कता ने खेल बिगाड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के पास से ₹40 हजार के नकली नोट और उन्हें छापने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की है।

दिलचस्प बात यह है कि मुख्य आरोपी इतना शातिर है कि उसे पहले भी दो बार एसटीएफ (STF) नकली नोट छापने के मामले में जेल भेज चुकी है।

🍽️ होटल संचालक की सतर्कता से खुला राज

गांधी नगर थाना प्रभारी अनिल यादव ने मामले का खुलासा करते हुए बताया:

  • 25 जून की घटना: राजनगर निवासी यशवंत यादव अपने ‘सांवरिया रेस्टोरेंट’ पर मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का एक युवक वहाँ आया और खाना खाने के बाद भुगतान के लिए ₹200 का नोट दिया।
  • पकड़ा गया आरोपी: नोट देखते ही संचालक को उसकी क्वालिटी पर शक हुआ। उन्होंने तुरंत अपने कर्मचारियों की मदद से दीपक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

🖨️ घर पर चल रही थी ‘नोटों की फैक्ट्री’

पुलिस ने जब दीपक को रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपने आका संजय का नाम उगला। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए छापेमारी की और संजय के साथ उसके साथी रवि को भी दबोच लिया।

बरामदगी: मुख्य आरोपी संजय के पास से ₹40,000 के नकली नोट और हाई-टेक प्रिंटिंग मशीन बरामद हुई है, जिससे वह हूबहू असली जैसे दिखने वाले नोट छापता था।

🍻 शराब दुकान पर हुई थी दोस्ती, ऐसे तय हुआ ‘सौदा’

पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:

  • सेल्समैन से बने अपराधी: दीपक और संजय की मुलाकात पहले एक शराब दुकान पर हुई थी, जहाँ दोनों सेल्समैन थे। इसी दौरान संजय ने बताया था कि उसका एक दोस्त असली जैसे दिखने वाले नकली नोट छापता है।
  • ड्राइवर बना पार्टनर: बाद में दीपक ट्रक ड्राइवर बन गया। कुछ समय बाद जब उसने संजय से दोबारा संपर्क किया, तो संजय ने खुद को अमीर बताते हुए उसे इंदौर बुला लिया।
  • रेट कार्ड: दोनों के बीच डील हुई थी कि ₹1,000 के असली नोट देने पर ₹4,000 के नकली नोट दिए जाएंगे। दीपक पहली बार ही मार्केट में माल खपाने निकला था और पहली ही कोशिश में दबोचा गया।

🚨 STF का पुराना ‘मेहमान’ है मुख्य आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरोह का मास्टरमाइंड संजय एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही एसटीएफ (STF) थाने में नकली नोटों के दो बड़े मामले दर्ज हैं। वह जेल से छूटने के बाद दोबारा इसी काले धंधे में लग गया था। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि वे अब तक बाजार में कितने लाख के नकली नोट खपा चुके हैं।

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