drnewsindia.com
Indore Crime News: इंदौर साइबर पुलिस ने एक बार फिर तत्परता दिखाते हुए देश की एक अंतरराष्ट्रीय घुड़सवार खिलाड़ी के साथ हुई 1.62 करोड़ रुपए की बहुत बड़ी साइबर ठगी को महज़ 24 घंटे के भीतर नाकाम कर दिया है। ठगों के चंगुल से छुड़ाई गई पूरी की पूरी रकम शिकायतकर्ता के बैंक खाते में सुरक्षित रिफंड करा दी गई है। शुक्रवार को साइबर पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा किया।
📌 मामले की बड़ी बातें (Key Highlights)
- शिकायतकर्ता: इंदौर का प्रतिष्ठित हजेला परिवार (अंतरराष्ट्रीय घुड़सवार खिलाड़ी)।
- ठगी की रकम: ₹1,62,00,000 (एक करोड़ बासठ लाख रुपए)।
- साइबर पुलिस का एक्शन: एसपी साइबर सव्यसाची सराफ के निर्देशन में 24 घंटे में खाता होल्ड।
- ठगी का तरीका: ‘बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज’ (BEC) फ्रॉड के जरिए फर्जी ईमेल।

🐎 एशियन गेम्स के लिए खरीदा जा रहा था घोड़ा, ऐसे बिछाया ठगों ने जाल
पीड़ित घुड़सवार खिलाड़ी इस साल सितंबर-अक्टूबर 2026 में जापान में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों में जुटी हैं। खेल के लिए एक उत्तम नस्ल का घोड़ा खरीदने के लिए उनकी डेनमार्क की एक मशहूर कंपनी ‘HELGSTRAND DRESSAGE’ से डील चल रही थी। डील के मुताबिक, खिलाड़ी ने तय राशि का 45 प्रतिशत हिस्सा कंपनी के अधिकृत (Official) बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दिया था।
डायरेक्टर के नाम से आया ‘फर्जी ईमेल’ इसी बीच 29 मई 2026 को शातिर ठगों ने कंपनी के असली डायरेक्टर Andreas Helgstrand के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाई। ठगों ने खिलाड़ी को ईमेल भेजकर कहा कि कंपनी का बैंक खाता बदल गया है और बाकी की रकम नए खाते में भेजें। झांसे में आकर खिलाड़ी ने ₹1.62 करोड़ विदेशी बैंक JP Morgan Bank के स्कैमर वाले खाते में ट्रांसफर कर दिए।
⚡ एक्शन में साइबर सेल: JP Morgan बैंक को भेजा लीगल नोटिस
धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत इंदौर साइबर सेल से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी साइबर सव्यसाची सराफ ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की।
- साइबर सेल ने बिना वक्त गंवाए JP Morgan Bank के प्रबंधन से संपर्क साधकर स्कैमर का खाता तुरंत होल्ड (फ्रीज) करवा दिया।
- इसके बाद पुलिस ने अपनी आधिकारिक ईमेल आईडी से बैंक को कड़ा लीगल नोटिस भेजा।
- पुलिस के इस त्वरित एक्शन का नतीजा यह रहा कि 30 जून 2026 तक पूरी की पूरी राशि (1.62 करोड़ रुपए) सुरक्षित रूप से खिलाड़ी के खाते में वापस आ गई।

⚠️ इस खिलाड़ी के साथ पहले भी हो चुका है बड़ा फ्रॉड
चौंकाने वाली बात यह है कि इस खिलाड़ी को पहले भी निशाना बनाया जा चुका है। इससे पहले नवंबर-दिसंबर 2025 में भी इसी खिलाड़ी के साथ 3.75 करोड़ रुपए का ‘बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज’ (BEC) फ्रॉड हुआ था। उस वक्त भी इंदौर साइबर सेल ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरी रकम रिफंड कराने में सफलता हासिल की थी।
स्रोत: इंदौर साइबर पुलिस विभाग (मध्य प्रदेश) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और फ्रॉड रिफंड रिपोर्ट।




