ऐतिहासिक उपलब्धि: बीते 12 वर्षों में भारत ने हासिल किया सतत पर्यावरणीय बदलाव, वैश्विक स्तर पर बढ़ी साख

0
6

drnewsindia.com

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व बदलाव देखा है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर चलते हुए देश ने न केवल अपने वनों और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का विस्तार किया है, बल्कि वैश्विक मंच पर जलवायु कार्रवाई (Climate Action) का नेतृत्व भी किया है।

नीतिगत निर्णयों और जमीनी स्तर पर सटीक क्रियान्वयन के कारण आज भारत संरक्षण, निरंतरता और विकास के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाने में कामयाब रहा है।

नमामि गंगे: पावन गंगा और सहायक नदियों का कायाकल्प

गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बहाल करने और प्रदूषण को कम करने के लिए वर्ष 2014 में ‘नमामि गंगे कार्यक्रम’ की शुरुआत की गई थी। इस महत्वाकांक्षी मिशन के अंतर्गत:

  • अब तक कुल 524 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
  • इनमें से 355 परियोजनाएं इस वर्ष फरवरी तक पूरी तरह से संपन्न हो चुकी हैं, जिससे नदियों के जल स्तर और स्वच्छता में व्यापक सुधार आया है।

वन क्षेत्र में लंबी छलांग: दुनिया में 9वें स्थान पर पहुंचा भारत

वर्ष 2015 में शुरू किया गया ‘ग्रीन इंडिया मिशन’ देश के जंगलों और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

प्रमुख आंकड़े:

  • वन और वृक्ष आच्छादन: देश का कुल वन क्षेत्र बढ़कर 8.27 लाख वर्ग किलोमीटर हो गया है।
  • भौगोलिक हिस्सेदारी: यह देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र के 25 प्रतिशत से भी अधिक है।
  • वैश्विक रैंकिंग: इन बेहतरीन आंकड़ों के साथ भारत कुल वन क्षेत्र के मामले में दुनिया भर में 9वें स्थान पर पहुंच गया है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान बना जन-आंदोलन

वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आज दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक पर्यावरण आंदोलनों में से एक बन चुका है। पिछले साल दिसंबर तक इस अभियान के तहत देश भर में 262 करोड़ से अधिक पौधे रोपे जा चुके हैं।

समय से 11 साल पहले हासिल किया उत्सर्जन कम करने का लक्ष्य

भारत ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अपनी मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। देश ने 2005 के स्तर की तुलना में अपनी उत्सर्जन तीव्रता (Emissions Intensity) को 33 से 35 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य समय से 11 वर्ष पहले ही हासिल कर लिया है।

वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता नेतृत्व

  • मिशन LiFE (2022): इस मिशन ने जीवनशैली पर आधारित जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक वैश्विक लीडर के रूप में स्थापित किया है।
  • अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन – ISA (2015): भारत की पहल पर शुरू हुए इस गठबंधन ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy Transition) के क्षेत्र में भारत की साख को पूरी दुनिया में मजबूत किया है। आज भारत वैश्विक स्तर पर जलवायु नीतियों को तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे पर्यावरण संकट और संसाधनों के दबाव के बीच, भारत का यह संतुलित और विकासपरक दृष्टिकोण पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है।

– मुख्य संवाददाता, drnewsindia.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here