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विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (विजाग स्टील प्लांट) से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। प्लांट में काम के दौरान क्रेन से ले जाए जा रहे बकेट से अत्यधिक गर्म पिघला हुआ स्टील (मोल्टन आयरन) अचानक श्रमिकों पर गिर गया।
इस भीषण दुर्घटना में कम से कम 8 श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, हादसे के समय पिघले हुए स्टील का तापमान लगभग 1,600 डिग्री सेल्सियस था, जिसके कारण श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
कैसे हुआ यह भयानक हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को प्लांट के भीतर सामान्य दिनों की तरह काम चल रहा था। तभी एक भारी क्रेन की मदद से पिघले हुए लोहे से भरे बकेट (लाडल) को ट्रांसफर किया जा रहा था। अचानक क्रेन का संतुलन बिगड़ने या तकनीकी खराबी के कारण बकेट पलट गया और उसमें भरा उबलता हुआ तरल स्टील वहां नीचे काम कर रहे कर्मचारियों पर आ गिरा।
हादसे के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही स्टील प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ही राहत कार्य शुरू किया।

मृतकों की हुई पहचान: 5 स्थायी और 3 संविदा कर्मचारी शामिल
प्रशासन और स्टील प्लांट प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले सभी 8 लोगों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी, फोरमैन और संविदा (ठेका) श्रमिक शामिल हैं।
स्थायी कर्मचारी (Permanent Employees):
- गोल्ड कुमार (मैनेजर – मशीन नंबर 2 के इंचार्ज)
- के. प्रभाकर (जनरल फोरमैन)
- गोन्थिना भानु कुमार (टेक्नीशियन)
- जी.वी. अप्पाराव
- एम. कृष्णा नागु
संविदा कर्मचारी (Contractual Workers):
- रमाना
- त्रिनाध
- एन. अप्पला राव

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, राहत कार्य तेज करने के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस भीषण दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों को आपस में समन्वय (Coordination) बनाकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है।
औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए गंभीर सवाल
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के सर्किल इंस्पेक्टर केशव राव के अनुसार, फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में लेने और घायलों को उचित उपचार दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, शुरुआती तकनीकी जानकारी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन इस भीषण हादसे ने एक बार फिर देश के भारी उद्योगों और स्टील उत्पादन इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों (Safety Standards) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद से ही पूरे क्षेत्र और मृतक कर्मचारियों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
– मुख्य संवाददाता, drnewsindia.com





