कश्मीर से सिंगापुर तक: शोपियां और पुलवामा के ‘प्रीमियम आलूबुखारा और चेरी’ की पहली खेप रवाना; एपीईडीए (APEDA) की मदद से बागवानों को मिला वैश्विक बाजार

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Global Trade & Agri Desk (19 जुलाई 2026): भारत के कृषि निर्यात को एक नई ऊंचाई पर ले जाते हुए जम्मू-कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों से प्रीमियम क्वालिटी की अरेका चेरी और आलूबुखारा (Plum) की पहली खेप सफलतापूर्वक सिंगापुर के लिए रवाना कर दी गई है। यह ऐतिहासिक निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के विशेष सहयोग से संभव हो सका है।

इस बड़ी उपलब्धि पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए इसे कश्मीर के बागवानों के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर कदम बताया है।

📌 एग्री-एक्सपोर्ट बुलेटिन: मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • ✈️ वैश्विक गंतव्य: प्रीमियम अरेका चेरी और आलूबुखारा की पहली खेप को सिंगापुर (Singapore) के बाजारों के लिए किया गया रवाना।
  • 🤝 एपीईडीए का सहयोग: कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की देखरेख में तैयार हुआ अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन नेटवर्क।
  • 🍒 कश्मीर के लिए खुशखबरी: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा— यह विशेष रूप से शोपियां (Shopian) और पुलवामा (Pulwama) के बागवानों के लिए एक ऐतिहासिक और बेहतरीन खबर है।
  • 💰 किसानों को बड़ा फायदा: इस सीधी वैश्विक पहुंच से स्थानीय किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनके उत्पादों के बेहतरीन दाम (Fair Prices) मिल सकेंगे।

🌍 वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस ऐतिहासिक एक्सपोर्ट के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने इस पहल के दूरगामी फायदों को रेखांकित करते हुए कहा:

“प्रीमियम अरेका चेरी और आलूबुखारा की इस पहली अंतरराष्ट्रीय खेप का सिंगापुर रवाना होना भारत के कृषि निर्यात की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। इस शानदार पहल से हमारे स्थानीय किसानों को सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें अपने कड़े परिश्रम की बेहतर कीमत मिल सकेगी। यह कदम देश के कृषि निर्यात (Agri-Export) को एक नई और मजबूत गति प्रदान करेगा।”

🏞️ शोपियां और पुलवामा के बागवानों की चमकेगी किस्मत

जम्मू-कश्मीर का शोपियां और पुलवामा इलाका अपने बेहतरीन स्वाद और गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन के लिए दुनिया भर में मशहूर है। हालांकि, सही लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की कमी के कारण अब तक इन फलों को वैश्विक पहचान मिलने में दिक्कतें आ रही थीं:

  1. गुणवत्ता को मान्यता: एपीईडीए (APEDA) ने इन जिलों के फलों की पैकेजिंग, गुणवत्ता जांच और कोल्ड-चेन मैनेजमेंट को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया।
  2. आर्थिक समृद्धि का नया दौर: सीधे सिंगापुर जैसे प्रीमियम मार्केट में एंट्री मिलने से घाटी के बागवानों के मुनाफे में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे कश्मीर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिलेगी।

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