drnewsindia.com सीहोर | 07 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत किसान-हितैषी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ हर किसान तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीहोर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को छिंदवाड़ा से वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है।
📢 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन के मुख्य बिंदु
1. ऐतिहासिक ‘कवच योजना’ की सौगात
- पुराने विवादों से मुक्ति: जिन किसानों के सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों और जांच में देरी के कारण नया ऋण व योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, उनके लिए ‘कवच योजना’ शुरू की गई है।
- खाता बदलने की नई व्यवस्था: अब 6-6 महीने के स्थान पर 1 साल में खाते पलटने की व्यवस्था लागू की गई है।
- 31 मार्च की बाध्यता समाप्त: खाते क्लियर करने के लिए तय 31 मार्च की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। किसान अपनी सुविधा अनुसार कभी भी पैसा जमा कर सकते हैं।

2. फसल उपार्जन और किसानों का समर्थन
- गेहूं खरीद: MSP और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई।
- सोयाबीन व श्रीअन्न: सोयाबीन उत्पादकों को ‘भावांतर योजना’ का लाभ मिला। वहीं पहली बार कोदो-कुटकी (श्रीअन्न) की MSP पर खरीद हुई और बोनस दिया गया।
- मूंग उपार्जन सीमा में बढ़ोतरी: किसानों की मांग पर पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% की गई है।
3. आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती पर जोर
- किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण (Crop Diversification), पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है।

🏛️ राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा का वक्तव्य
कार्यक्रम में मौजूद राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने सरकार की किसान-हितैषी नीतियों की जानकारी दी:
“मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार किसानों की आय में वृद्धि के लिए फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है।”
💡 प्रमुख घोषणाएं एवं उपलब्धियां:
- भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा: सड़क, नहर या अन्य शासकीय परियोजनाओं में जमीन जाने पर किसानों को 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा।
- फसल क्षति मुआवजा में भारी वृद्धि: पहले फसल नुकसान पर मात्र ₹2,000 प्रति एकड़ मिलता था, जिसे बढ़ाकर अब ₹32,000 प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।
- राजस्व महाभियान एवं साइबर तहसील: राजस्व के लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए शुरू किए गए महाभियान के तहत 1 करोड़ से अधिक मामलों का निपटारा किया गया है।

🛠️ महोत्सव के मुख्य आकर्षण एवं स्टॉल
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कृषि और उससे संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनियां लगाई गईं:
- तकनीक एवं मार्गदर्शन: उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, प्राकृतिक व जैविक खेती, सिंचाई तकनीक, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन (Soil Health) और जलवायु अनुकूल खेती पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई।
- सम्मान समारोह: जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों, विद्यार्थियों और सोशल मीडिया इन्फ्ल्यूएंसरों को मंच से सम्मानित किया गया।
👥 कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन-प्रतिनिधि एवं अधिकारी
- जन-प्रतिनिधि: जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री सीताराम यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती नावड़ी बाई, श्री राजेंद्र सिंह, श्री कप्तान सिंह यादव।
- प्रशासनिक अधिकारी: कृषि विभाग संचालक श्री उमाशंकर भार्गव, कलेक्टर श्री बालागुरू के., एसपी श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, डीएफओ श्रीमती अर्चना पटेल, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, उप संचालक कृषि श्री अशोक कुमार उपाध्याय।




