drnewsindia.com / नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भ्रामक विज्ञापनों और उत्पादों पर ‘100% शुद्ध’ जैसे बढ़ा-चढ़ाकर किए जाने वाले दावों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नियामक संस्था ने दिग्गज कंपनी डाबर इंडिया (Dabur India) के कई प्रमुख उत्पादों पर ऐसे दावे करके बिक्री करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
🚫 डाबर के इन प्रमुख उत्पादों पर FSSAI का शिकंजा
FSSAI ने ‘100% Pure’ (100 प्रतिशत शुद्ध) के भ्रामक दावों को लेकर डाबर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और निम्नलिखित उत्पादों की ऐसी बिक्री रोकने का निर्देश दिया है:
- डाबर शहद (Honey)
- डाबर गाय का घी (Cow Ghee)
- डाबर सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
- डाबर नारियल तेल (Coconut Oil)
⏱️ 15 दिनों का अल्टीमेटम: FSSAI ने डाबर कंपनी को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

🛑 अन्य ब्रांड्स पर भी गिरी गाज
केवल डाबर ही नहीं, FSSAI ने नियमों का उल्लंघन करने वाली अन्य कंपनियों पर भी कड़ी कार्रवाई की है:
- त्रिपुरा (Matre Drinking Water): खराब गुणवत्ता के चलते ‘मात्रे ड्रिंकिंग वाटर’ का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
- पंजाब (Novel Health Care): मोहाली स्थित नोबेल हेल्थ केयर के ‘वेनोलेक्स फोर्टे’ (Venolex Forte) उत्पाद के निर्माण और वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
- शराब बनाने वाली कंपनियाँ (Liquor Companies): बोतलों पर गलत ‘एज स्टेटमेंट’ (Age Statement) देने और अनधिकृत फ्लेवर मिलाने को लेकर कई शराब निर्माताओं के खिलाफ भी जांच व कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

💡 उपभोक्ता सुरक्षा की ओर बड़ा कदम
FSSAI का स्पष्ट मानना है कि पैकेट पर ‘100% शुद्ध’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल ग्राहकों को गुमराह करता है। इस कार्रवाई से अब एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों को अपने विज्ञापनों और पैकेजिंग पर दावों को लेकर अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी।




