drnewsindia.com / सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर स्थिति प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम पर आयोजित कांवड़ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और अभूतपूर्व उत्साह के साथ शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न हो गई। देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने सीवन नदी घाट से पवित्र जल भरा और कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
कलेक्टर श्री बालागुरू के. तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के कुशल मार्गदर्शन, सटीक ‘माइक्रो प्लानिंग’ और कुबेरेश्वर धाम समिति के साथ बेहतर समन्वय के कारण पूरी यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई।
🛡️ तगड़ी प्रशासनिक व्यवस्था और चाक-चौबंद सुरक्षा
कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए दो दिन पहले ही प्रशासनिक व पुलिस अमले को विभिन्न दायित्व सौंप दिए गए थे। संपूर्ण यात्रा मार्ग और धाम परिसर में निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई थीं:
- हेल्पडेस्क व कंट्रोल रूम: श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए सहायता केंद्र स्थापित किए गए और मुख्य कंट्रोल रूम से सतत निगरानी रखी गई।
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता: यात्रा मार्ग पर मेडिकल कैंपों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं और स्वच्छता अमला लगातार सक्रिय रहा।
- पेयजल व पार्किंग: श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल और वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल बनाए गए।
- रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर तैनाती: बाहर से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर विशेष अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए।

🤝 समिति और स्वयंसेवकों का मिला सराहनीय सहयोग
आयोजन को सुचारू बनाने में कुबेरेश्वर धाम समिति के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने पुलिस-प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर श्रद्धालुओं की सहायता, मार्गदर्शन और व्यवस्थाओं को बनाए रखने में दिन-रात योगदान दिया।

🚉 यात्रा के बाद भी अधिकारियों का निरीक्षण जारी; सुरक्षित वापसी पर जोर
कांवड़ यात्रा के समापन के बाद भी कलेक्टर श्री बालागुरू के. और एसपी श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना ने सीवन नदी चौराहा, यात्रा मार्ग तथा सीहोर रेलवे स्टेशन पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- अधिकारियों को सख्त निर्देश: कलेक्टर-एसपी ने स्टेशन व बस स्टैंड पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपने घरों को लौट रहे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
- सुगम आवागमन: अधिकारियों को यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।




