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सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। सीहोर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में दर्शन करने आए गुना जिले के एक श्रद्धालु पर रेलवे स्टेशन के पास अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने बेरहमी से मारपीट कर श्रद्धालु का पैर तोड़ दिया और उनका पर्स लूटकर फरार हो गए। घायल श्रद्धालु को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
रेलवे स्टेशन से निकलते ही कार सवार बदमाशों ने घेरा
पीड़ित अनिल कुशवाहा ने अस्पताल में आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे गुना जिले के कुंभराज से कुबेरेश्वर धाम दर्शन करने के लिए सीहोर आए थे। वे जैसे ही सीहोर रेलवे स्टेशन से बाहर निकले, मात्र दो मिनट बाद ही एक पुरानी नारंगी रंग की कार (MP-04 सीरीज) उनके पास आकर रुकी। कार से उतरे बदमाशों ने बिना कुछ पूछे या बात किए, अचानक उन पर डंडों से हमला कर दिया।

डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर तोड़ा पैर, फिर की लूटपाट
हमलावरों की बर्बरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पीड़ित के पैर पर लगातार तीन बार डंडे से जोरदार वार किए। इस हमले में अनिल कुशवाहा के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया और वे वहीं गिर पड़े। इसके बाद बदमाश उनका पर्स छीनकर उसी नारंगी कार में सवार होकर मौके से रफूचक्कर हो गए। पीड़ित के मुताबिक, पर्स में ₹4,000 नकद और कई महत्वपूर्ण सरकारी व निजी दस्तावेज रखे हुए थे।
108 एम्बुलेंस की मदद से पहुंचे अस्पताल
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अनिल कुशवाहा ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद ही 108 एम्बुलेंस को फोन कर सूचना दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद फ्रैक्चर वाले पैर पर पट्टी बांधी है। फिलहाल पीड़ित का इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

पुलिस कार्रवाई: CCTV फुटेज और कार नंबर के आधार पर तलाश शुरू
वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई। पुलिस ने अस्पताल जाकर पीड़ित के बयान दर्ज किए हैं और घटनास्थल के आसपास के लोगों से पूछताछ की है।
- तलाश का मुख्य आधार: पीड़ित द्वारा बताई गई नारंगी रंग की कार (MP-04 सीरीज) और बदमाशों का हुलिया।
- CCTV खंगाल रही पुलिस: पुलिस स्टेशन और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।




